इंडी गठबंधन की प्रस्तावित ‘चलो दिल्ली रामलीला मार्च’ रैली को लेकर बिहार में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कांग्रेस पर अड़ियल रवैया अपनाने और अपनी बातें जबरन थोपने का आरोप लगाया। वहीं, मंत्री रामकृपाल यादव और भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने प्रस्तावित रैली को लेकर विपक्षी गठबंधन पर तंज कसा।
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि राहुल गांधी में अपनी बातें जबरन थोपने की आदत बढ़ती जा रही है और कांग्रेस पार्टी मूकदर्शक बनकर उनके फैसलों को स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं देख पा रही है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में व्यापारिक संगठनों ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से आंदोलन की तारीख बदलने की अपील की थी।
राजीव रंजन ने कहा कि त्योहारों के दौरान सड़कों पर आंदोलन होने से आम लोगों और व्यापारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अगर कोई आंदोलन जनता के हित में किया जा रहा है लेकिन जनता उसके तरीके और तारीखों से सहमत नहीं है, तो कांग्रेस को इसमें बदलाव करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस के आंदोलन के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले संघर्ष के दिनों में ‘सड़क से संसद तक’ का नारा काफी लोकप्रिय हुआ करता था लेकिन अब कांग्रेस संसद को ही सड़क पर लाने की कोशिश कर रही है। संसद की कार्यवाही को मजाक की तरह पेश किया जा रहा है।
राजीव रंजन ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयोग की कार्यशैली को लेकर याचिकाएं पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। ऐसे में कांग्रेस का इस तरह का आंदोलन न्यायपालिका में उसके विश्वास पर भी सवाल खड़े करता है। इसी तरह की गतिविधियों के कारण कांग्रेस आज अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है।
वहीं, मंत्री रामकृपाल यादव ने इंडी गठबंधन की ‘चलो दिल्ली रामलीला मार्च’ रैली पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के आह्वान पर दिल्ली कौन जाने वाला है? उन्होंने कहा कि यह रैली पूरी तरह फ्लॉप साबित होगी।
रामकृपाल यादव ने कहा कि रैलियों से कोई खास फर्क नहीं पड़ता क्योंकि जनता का फैसला चुनाव के माध्यम से सामने आता है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव में पार्टी शून्य पर आउट हो गई। उनके मुताबिक, जनता कांग्रेस को पहले ही खारिज कर चुकी है।
दूसरी ओर, भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने इंडी गठबंधन को ‘ठगबंधन’ बताते हुए कहा कि विपक्षी दल पहले अपनी स्थिति सुधारें, फिर महाभियोग लाने की बात करें। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्ष पर चुनाव में हार मिलने पर वोट चोरी का आरोप लगाने तथा संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाने का आरोप लगाया।
