अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने पीएम मोदी पर अपमानजनक टिप्पणी मामले में दावा किया है कि यह भाजपा की साजिश है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष ने साजिश के तहत इसे अंजाम दिया, जिससे विपक्ष को बदनाम किया जा सके।
बिहार के दरभंगा जिले में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान पीएम मोदी पर अपमानजनक टिप्पणी को लेकर गुरुवार को एनडीए ने बिहार बंद बुलाया। एनडीए में शामिल राजनीतिक दल लगातार राजद-कांग्रेस पर हावी हैं। पार्टियां तेजस्वी यादव और राहुल गांधी से माफी मांगने की अपील कर रही हैं
बिहार बंद पर उत्तर प्रदेश से अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि जिस व्यक्ति ने अपशब्द कहे, उसकी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ कई तस्वीरें सामने आई हैं।
आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने इस पूरी घटना को भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रायोजित एक साजिश करार दिया, जिसका उद्देश्य विपक्ष को बदनाम करना है। उन्होंने कहा कि सच्चाई कुछ और है, और चूंकि बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार है, इसलिए ऐसी घटनाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
मौर्य ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी के खिलाफ तुरंत कोर्ट में शिकायत दर्ज की जाती है, लेकिन आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न होना यह दिखाता है कि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए जनता के बीच ले जाना चाहती है।
एबीवीपी के विरोध प्रदर्शन पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि अगर एबीवीपी के छात्रों के साथ कोई अन्याय हुआ है तो उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों को मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री या किसी अन्य मंत्री से मिलकर अपनी शिकायतें दर्ज करानी चाहिए।
मौर्य ने कहा कि अपशब्दों का इस्तेमाल करना न तो व्यावहारिक है और न ही उचित।
जीएसटी के स्लैब में हुए सुधार पर उन्होंने कहा कि सुधार के नाम पर सिर्फ मरहम लगाने का कार्य किया जा रहा है, जिसका कोई अर्थ निकलने वाला नहीं है। लोग परेशान हैं, इनके सुधार की आवाज को कोई सुनने वाला नहीं है।
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