महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “ये मांग दशकों पुरानी रही है। महिला आरक्षण देना जरूरी है। ऐसे में अलग-अलग कालखंड में अलग-अलग विषयों को आधार बनाते हुए मेरी समझ से परे है कि क्यों नारी शक्ति को उनके इन अधिकारों से वंचित रखने का काम किया जा रहा है। कभी आरक्षण के भीतर आरक्षण को आधार बनाया जाता है, कभी सीटों की संख्या को आधार बनाया जाता है। पहले सबने इसे पारित करने का काम किया, अब लागू करने के समय विपक्ष विरोध कर रहा है।”
महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, “मुझे लगता है कि परिसीमन का विरोध करना ठीक नहीं है। परिसीमन के बाद ही सीटें बढ़ने वाली हैं। परिसीमन से ही महिलाओं को आरक्षण मिलने वाला है। सभी सांसदों को काम करने के लिए अच्छा मौका मिलेगा। विधानसभा में भी सीटें बढ़ने वाली हैं। सुझाव रखने का सभी को अधिकार है लेकिन बिल का विरोध करना महिला विरोधी स्टैंड है।”
सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, “महिला आरक्षण बिल पास होना चाहिए क्योंकि यह सबसे ऐतिहासिक कानूनों में से एक है। मुझे प्रधानमंत्री ने यह सौभाग्य दिया कि जिस दिन यह बिल पास हुआ, उस दिन मुझे इस पर बोलने का मौका मिला और मैं भाजपा की तरफ से पहला वक्ता था। आज, एक बार फिर मैं सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील करता हूं कि वे उत्तर और दक्षिण और सामाजिक वर्गों के बंटवारों से ऊपर उठें। भारत सभी भारतीयों का है।
निशिकांत दुबे ने कहा, “16 अप्रैल कांग्रेस के इतिहास में एक बहुत ही काला दिन है। इसी दिन, स्वीडिश रेडियो ने घोषणा की थी कि भारत सरकार को सप्लाई की गई बोफोर्स तोपों के सौदे में 64 करोड़ रुपए का कमीशन शामिल था। आज तक कांग्रेस ने इन तथ्यों को दबाने की कोशिश की है और पूरे देश के सामने यह दावा करती रही है कि बोफोर्स मामले से कुछ भी सामने नहीं आया।”
भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा, “आज बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज भावनात्मक दिन है। सभी लोग बहुत भावुक हैं। आज तमाम महिलाओं को सम्मान देने का दिन है। इसमें तो उन्हें (विपक्ष) समर्थन करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में महिलाओं के लिए बहुत काम किए हैं और आज सबसे महत्वपूर्ण दिन है।”
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