इसके अलावा, उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) की दुर्गति को भी रेखांकित किया। उनके मुताबिक, शिवसेना (यूबीटी) को जब आत्मचिंतन करना चाहिए था, तब उन्होंने किसी भी प्रकार का आत्मचिंतन नहीं किया। जब इन लोगों को अपने व्यवहार में बदलाव लाना चाहिए था, तब ये लोग अपने व्यवहार में किसी भी प्रकार का बदलाव लेकर नहीं आए। ये लोग अपने सांसद और विधायक से दूर रहते हैं। ये लोग जनता के जवाबदेही से दूर रहते हैं।
उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) की दुर्गति के पीछे सबसे बड़ा कारण संजय राउत है। ऐसा सभी लोगों का मानना है। जिस राजनीतिक दल संजय राउत जैसा प्रवक्ता दोस्त मिले, उसे दुश्मन की कोई आवश्यकता नहीं है। अभी छह सांसद इन लोगों को छोड़कर गए हैं।
इसके अलावा उन्होंने समान नागरिक संहिता ( यूसीसी) को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, जनसंघ से लेकर भाजपा तक के काल में हमारी पार्टी हमेशा से ही यूसीसी का समर्थन करती हुई आई है। हमने हमेशा से ही इस बात की पैरोकारी की है कि पूरे देश में यूसीसी को लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि बीजेपी शासित कई राज्यों में हमने यूसीसी को लागू किया है। महाराष्ट्र के सदन में भी यूसीसी की बात हुई है। पश्चिम बंगाल ने भी इस दिशा में अपनी कटिबद्धता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि वो इसे अपने राज्य में लागू करना चाहते हैं।
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