चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र एवं संवैधानिक संस्था है, जिसका दायित्व निष्पक्ष चुनाव कराना है। कांग्रेस और उसके नेता बार-बार आयोग पर सवाल खड़े कर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि चुनाव प्रक्रिया में धांधली हुई है तथा वोटों की चोरी की गई है। लेकिन, जब उनसे सबूत मांगे जाते हैं तो वे चुप्पी साध लेते हैं। यह रवैया पूरी तरह गलत है और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी, तब उसने आयोग की कार्यशैली पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। लेकिन आज जब नतीजे उसके पक्ष में नहीं आते, तो आयोग पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह दोहरे मानदंड का परिचायक है।
चिराग ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि विपक्ष का यह रवैया लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जनादेश का सम्मान होना चाहिए और झूठे आरोपों से अविश्वास का माहौल नहीं बनाना चाहिए। विपक्ष इस तरह संसद को बाधित कर गलत परंपरा की शुरुआत कर रहा है।
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