‘वंदे मातरम’ को पूरा गाने को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और कांग्रेस के बीच राजनीतिक मतभेद सामने आ गए हैं। ‘कांग्रेस आखिर चाहती क्या है? क्या आप वंदे मातरम न कहने पर कश्मीरी लोगों को जेल में डालना चाहते हैं?’ उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को श्रीनगर में रिपोर्टरों से बात करते हुए यह गुस्से वाला सवाल उठाया। उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए बताया कि ‘वंदे मातरम’ को पूरा गाना अब कानूनी तौर पर ज़रूरी हो गया है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर कांग्रेस इस कानून के खिलाफ थी, तो उसे इसे पार्लियामेंट में पास होने से रोकना चाहिए था। अब जब कानून लागू हो गया है, तो इसका पालन करना कानूनी तौर पर ज़रूरी हो गया है। कानून के मुताबिक, उन सभी ऑफिशियल जगहों पर ‘वंदे मातरम’ को पूरा गाना ज़रूरी है, जहां राष्ट्रगान गाया जाता है। यह नियम सिर्फ जम्मू-कश्मीर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश पर लागू होता है। इसलिए, कांग्रेस शासित राज्यों में भी सरकारी प्रोग्राम में इस नियम का पालन करना होगा, उन्होंने कहा।
जम्मू-कश्मीर में पहले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रेसिडेंट फारूक अब्दुल्ला की मौजूदगी में पूरा ‘वंदे मातरम’ गाया गया। कांग्रेस ने इस पर एतराज़ जताया था। कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी के. सी. वेणुगोपाल ने नेशनल कॉन्फ्रेंस से अपील की थी कि वे सिर्फ़ पहले दो पद गाएं। वेणुगोपाल ने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना आज़ाद और रवींद्रनाथ टैगोर के विचारों का हवाला देते हुए कहा था कि आज़ादी के दीवानों की ऐतिहासिक भूमिका का सम्मान किया जाना चाहिए। अब उमर अब्दुल्ला ने इस पर तीखा जवाब दिया है।
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