25 C
Mumbai
Monday, January 26, 2026
होमराजनीति"सेना के पराक्रम पर सवाल उठाने वालों को देश से शर्म करनी...

“सेना के पराक्रम पर सवाल उठाने वालों को देश से शर्म करनी चाहिए”— रविंद्र नेगी

एक तरफ जब देश ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए अपने आतंकवाद-विरोधी रुख को दुनिया के सामने स्पष्ट कर रहा है, तब दूसरी तरफ कुछ राजनीतिक नेता इस पर सवाल खड़े कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।

Google News Follow

Related

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद भारतीय सेना द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर देश की राजनीति फिर विवादों के दलदल में फंसती नजर आ रही है। कर्नाटक के कांग्रेस विधायक कोथुर मंजुनाथ द्वारा इस ऑपरेशन के सबूत मांगने पर भाजपा विधायक रविंद्र सिंह नेगी ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि, “जो लोग सेना के पराक्रम पर सवाल उठाते हैं, उन्हें देश की नागरिकता पर विचार करना चाहिए। ऐसे नेताओं को जनता सबक सिखाएगी।”

दिल्ली के पटपड़गंज से विधायक रविंद्र नेगी ने कहा, “आज पूरी दुनिया देख रही है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत ने पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया और 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी इसकी पुष्टि की है। फिर भी अगर कांग्रेस विधायक सबूत मांगते हैं, तो यह न केवल सेना का अपमान है बल्कि देश की आत्मा के खिलाफ भी है।”

उन्होंने कहा कि “जो लोग सेना की वीरता पर सवाल उठाते हैं, वे या तो राजनीतिक लाभ के लिए अंधे हो चुके हैं या फिर किसी और के इशारे पर काम कर रहे हैं। कांग्रेस को यह पुरानी आदत है कि जब भी देश एकजुट होता है, वह विभाजन की कोशिश करती है।”

भाजपा विधायक ने कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल के उस बयान पर भी निशाना साधा जिसमें उन्होंने दावा किया था कि “पहलगाम में धर्म पूछकर हमला नहीं किया गया।” नेगी ने कहा, “जब पीड़ित पर्यटक खुद कह रहे हैं कि धर्म के आधार पर उन्हें निशाना बनाया गया, तब कांग्रेस नेता क्यों देश को गुमराह कर रहे हैं? यह एक सुनियोजित साजिश है, जिससे देश के अंदर भ्रम और विवाद फैलाया जा सके।”

समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव द्वारा विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर दिए गए बयान को लेकर रविंद्र नेगी ने कहा, “हमें धर्म या जाति देखकर नहीं, बल्कि उनके योगदान से किसी का मूल्यांकन करना चाहिए। आज कर्नल सोफिया कुरैशी जैसी बेटियों ने भारत का सिर ऊंचा किया है और उन पर 140 करोड़ भारतीयों को गर्व है।”

नेगी ने यह भी जोड़ा, “जो नेता देश की बेटियों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं, वे न केवल संवैधानिक मर्यादा को तोड़ते हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देते हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट भी ऐसी टिप्पणियों पर संज्ञान ले चुके हैं। ऐसी मानसिकता पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

रविंद्र नेगी ने साफ कहा, “हम सबको भारत की सेना पर गर्व होना चाहिए। सैनिक जब सीमा पर डटे रहते हैं, तब देशवासी चैन की नींद सोते हैं। राजनीति अपनी जगह है लेकिन जब आप ऐसे समय में सेना के शौर्य पर सवाल उठाते हैं, तब आप उनके मनोबल को चोट पहुंचाते हैं।”

एक तरफ जब देश ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए अपने आतंकवाद-विरोधी रुख को दुनिया के सामने स्पष्ट कर रहा है, तब दूसरी तरफ कुछ राजनीतिक नेता इस पर सवाल खड़े कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। रविंद्र नेगी जैसे नेताओं की प्रतिक्रिया यह बताती है कि अब यह केवल एक राजनीतिक बहस नहीं बल्कि राष्ट्रवाद और जिम्मेदार विपक्ष की परीक्षा बन चुकी है।

सवाल अब यह है कि क्या सेना के साहस पर राजनीति होगी या देश एकजुट होकर दुश्मन को जवाब देगा? जनता की अदालत इस बार भी सबसे बड़ा फैसला सुनाएगी।

यह भी पढ़ें:

“अगर मैं कोच होता तो रोहित सिडनी टेस्ट खेलता” — रवि शास्त्री की दो टूक

भारत से समझौते रद्द होती है लुढ़के तुर्की कंपनी के शेयर

तुलबुल परियोजना पर छिड़ी सियासी जंग — उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के बीच ट्विटर वॉर

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,353फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
288,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें