उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादन की नई इबारत लिखी जा रही है, और इस ऐतिहासिक क्षण पर जब लखनऊ नोड में ब्रह्मोस एयरोस्पेस की इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्घाटन हुआ, तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल प्रदेश के भविष्य का खाका खींचा, बल्कि पाकिस्तान को लेकर एक तीखा और सटीक राजनीतिक-सैन्य संदेश भी दे डाला।
सीएम योगी ने जिस फौलादी लहजे में कहा “आतंकवाद कुत्ते की पूंछ है, जो कभी सीधी नहीं होती,” वह केवल एक बयान नहीं बल्कि भारत के बदलते सुरक्षा दृष्टिकोण का घोष था। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता का ज़िक्र करते हुए उन्होंने यह साफ कर दिया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ प्रेम नहीं, पराक्रम की भाषा में जवाब देगा—और जवाब ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें देंगी, जो दुश्मन को याद दिला देंगी कि भारत अब ‘स्ट्राइक फर्स्ट’ के सिद्धांत को भी निभा सकता है।
कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की वर्चुअल उपस्थिति ने इस उद्घाटन को और गरिमा प्रदान की। लेकिन असली संदेश मुख्यमंत्री योगी ने दिया—यह कहते हुए कि अगर किसी को ब्रह्मोस की ताकत पर शक है, तो पाकिस्तान से पूछ लेना चाहिए। यह सीधा संदर्भ उन सफल सैन्य अभियानों की ओर था, जिनमें भारत ने आतंकी लॉन्चपैड्स को लक्ष्य कर संदेश दिया कि सीमा पार छुपे आतंकियों और उन्हें पालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर की यह ब्रह्मोस यूनिट न केवल टेक्नोलॉजी का केंद्र बनेगी, बल्कि देश की सामरिक स्वावलंबन की रीढ़ भी। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से ही डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता का जो विजन रखा, वह अब मूर्त रूप ले चुका है—जहां यूपी के छह नोड (लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, झांसी, आगरा, चित्रकूट) देश की सुरक्षा की धड़कन बनने जा रहे हैं।
यह आश्चर्यजनक नहीं कि अब भारत न केवल अपनी सेनाओं के लिए अत्याधुनिक हथियार बना रहा है, बल्कि मित्र देशों को निर्यात भी कर रहा है। 2013-14 की तुलना में रक्षा उत्पादन में भारत ने कई गुना वृद्धि की है, और इसका बड़ा श्रेय उस उत्तर प्रदेश को जाता है, जो कभी उद्योगहीनता और बेरोजगारी का प्रतीक हुआ करता था।
सीएम योगी ने जिस सूझबूझ और आत्मविश्वास के साथ यह बताया कि राज्य में अब तक 30 हजार करोड़ रुपये का रक्षा निवेश सुनिश्चित हो चुका है और 60,000 युवाओं को रोजगार देने की दिशा में कार्य हो रहा है—वह एक बदलते उत्तर प्रदेश की गवाही है। एक ऐसा राज्य, जहां पहले न नौकरी थी, न सुरक्षा। आज वहीं राज्य भारत की रक्षा तैयारियों का एंकर यूनिट बनता जा रहा है।
यूपी में अब डीआरडीओ से लेकर पीटीसी और ब्रह्मोस तक की एंकर यूनिट्स स्थापित हो चुकी हैं। सीएम योगी का कहना है कि जितनी भूमि की आवश्यकता होगी, राज्य सरकार रक्षा मंत्रालय के लिए उपलब्ध कराएगी। यह नारा नहीं, नीति है।
इस उद्घाटन समारोह के बहाने योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय सुरक्षा, औद्योगिक विकास, युवाओं के सशक्तिकरण और दुश्मन को चेतावनी—चारों को एक ही मंच से साधा। और यह स्पष्ट कर दिया कि उत्तर प्रदेश न केवल भारत के आंतरिक विकास का इंजन है, बल्कि उसकी सीमाओं के लिए भी अब वही कवच बनता जा रहा है।
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