सपा नेता राजीव राय ने कहा, “सवाल ये नहीं है कि किताब किसने छापी, किसने बेची, सवाल ये है कि किताब में कौन सी 4 लाइन हैं कि सरकार उसका नाम भी नहीं सुनना चाहती और उस मुद्दे पर बहस भी नहीं करना चाहती, लेकिन सरकार इससे बचकर भाग रही है, जो सही नहीं है। अगर सरकार को लगता है कि कुछ नहीं है तो फिर उसे संसद में जवाब देना चाहिए।”
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा, “दिल्ली पुलिस ने भाजपा के लोगों की वजह से एफआईआर दर्ज की है, भाजपा सरकार केस दर्ज करके इसे मुद्दा बनाना चाहती थी।”
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, “जो कोई भी जानता है कि कोई किताब कैसे पब्लिश होती है, जब वह लिखी जाती है, तो उसे रिव्यू के लिए कई लोगों के बीच बांटा जाता है। कई लोग किताब के लिए ब्लर्ब लिखते हैं और उसे रिव्यू के लिए कई जर्नलिस्ट को दिया जाता है और लोग कई दूसरे पब्लिकेशन में भी रिव्यू और हिस्से लिखते हैं।”
उन्होंने कहा कि वैसे भी आज पब्लिकेशन का मतलब फिजिकल नहीं है। पब्लिकेशन का मतलब है कि एक पोस्ट भी एक पब्लिकेशन है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट एक पब्लिकेशन है या फेसबुक पर एक पब्लिकेशन है। तो वैसे भी, यह इस सरकार के तहत एजेंसियों का एक और गलत काम है।”
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, “कांग्रेस की महिला सांसद और विपक्ष की महिला सांसद बहुत मजबूत हैं। कांग्रेस की महिला सांसद ट्रेजरी बेंच द्वारा भेजे गए लेटर से डरने वाली नहीं हैं।”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: 118 सांसदों के हस्ताक्षर
