समझौते के तहत ईरान ने रणनीतिक जलमार्गों को फिर से खोलने पर सहमति जताई, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सैन्य हमले रोक दिए हैं। वेंस ने कहा, “ईरान ने जलमार्ग खोलने पर सहमति दी है और अमेरिका ने हमले रोक दिए हैं।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि संघर्ष विराम से पहले ही अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर चुका था। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति का लक्ष्य ईरानी सैन्य क्षमता को कमजोर करना था और वह उद्देश्य पूरा हो चुका है।”
हालांकि, वेंस ने चेतावनी दी कि ईरान के नेतृत्व के भीतर मतभेद इस समझौते को जटिल बना रहे हैं। उनके अनुसार, कुछ ईरानी नेता समझौते के प्रति सकारात्मक हैं, जबकि अन्य इसके स्वरूप और परिणामों को लेकर “भ्रामक बातें” कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यही विरोधाभास संघर्ष विराम को अस्थिर बनाता है और यदि इसे सावधानी से नहीं संभाला गया, तो यह कभी भी टूट सकता है।
वेंस ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी टीम को ईमानदारी से बातचीत करने का निर्देश दिया है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि धैर्य सीमित है। उन्होंने कहा, “अगर ईरान सकारात्मक तरीके से बातचीत करता है, तो व्यापक समझौता संभव है।”
साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत विफल होती है, तो अमेरिका के पास “सैन्य, कूटनीतिक और असाधारण आर्थिक दबाव” जैसे मजबूत विकल्प मौजूद हैं।
फिलहाल, यह संघर्ष विराम बढ़ते तनाव के बीच एक सीमित कूटनीतिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है। वेंस ने कहा कि आगे की दिशा पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान वार्ता में कैसा रुख अपनाता है।
उन्होंने अंत में कहा, “आखिरकार यह ईरान पर निर्भर है कि वह कैसे बातचीत करता है। उम्मीद है कि वे सही निर्णय लेंगे।”
