बांग्लादेश क्रिकेट में इन दिनों मैदान के बाहर के विवाद खेल से ज्यादा सुर्खियों में हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) में लगातार इस्तीफे, राजनीतिक दखल और विवादों के बीच पूर्व क्रिकेटर आफताब अहमद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अपने क्रिकेट बोर्ड को सर्कस कह दिया है।
बीसीबी में हालात तब और बिगड़ गए जब सात बोर्ड सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया और इसके बाद अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम को पद से हटा दिया गया। इसके तुरंत बाद नॅशनल स्पोर्ट्स काउंसिल ने अक्टूबर 2025 के चुनावों में कथित अनियमितताओं के चलते पूरे बोर्ड को भंग कर दिया। इन घटनाओं के बीच आफताब अहमद ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब बांग्लादेश में क्रिकेट जैसी कोई चीज बची ही नहीं है। उन्होंने कहा, “क्रिकेट अब नहीं रहा; सर्कस है। मैं आप सभी से सर्कस देखने की रिक्वेस्ट करता हूँ।”
आफताब ने USA Cricket का उदाहरण देते हुए कहा कि वे तीन साल वहां रहने के बावजूद बोर्ड के सदस्यों के बारे में नहीं जानते, जबकि बांग्लादेश में मीडिया इतनी सक्रिय है कि हर छोटी-बड़ी खबर को लगातार प्रचारित किया जाता है। उन्होंने कहा, “आप कह सकते हैं कि यह मेरी नाकामी है कि मुझे नहीं पता… अगर आप जानना नहीं भी चाहते, तो भी वे लगातार जानकारी देकर यह पक्का करेंगे कि आपको पता हो।”
बीसीबी के मौजूदा हालात पर नजर डालें तो अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम के हटने के बाद पूर्व कप्तान तमीम इक़बाल को बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके नेतृत्व में 11 सदस्यीय एड-हॉक समिति बनाई गई है, जो फिलहाल बोर्ड का संचालन कर रही है।
हालांकि, इस नई समिति पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ सदस्यों के राजनीतिक प्रभाव और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) से कथित संबंधों को लेकर विवाद बना हुआ है।
लगातार बढ़ते विवादों और अस्थिरता के बीच बांग्लादेश क्रिकेट का भविष्य अनिश्चित नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर टीम के प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी छवि पर भी पड़ सकता है।
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