पटना में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लालू यादव इस लोकतंत्र में जिस तरह से राजा बनने का प्रयास कर रहे हैं, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, “बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर को जिस तरह से अपमानित करने का काम किया गया, वह लोकतंत्र के लिए काला अध्याय है।”
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस मामले पर कहा, “लालू यादव आपराधिक मानसिकता वाले हैं। वे आर्थिक अपराधी ही नहीं, सामाजिक अपराध के भी पोषक रहे हैं। वह नरसंहार के नायक रहे हैं। ऐसी मानसिकता वाले लोगों का सामाजिक न्याय के प्रणेता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के साथ व्यवहार दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।”
उन्होंने कहा कि वह बिहार को बदनाम करने वाले लोग हैं। बिहारियों ने हमेशा महापुरुषों का सम्मान किया है और देश के प्रति समर्पित रहे हैं, लेकिन लालू यादव का चाल, चेहरा और चरित्र हमेशा बिहारियों का अपमान करता है।
भाजपा सांसद संजय जयसवाल ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को अपमानित करने पर लालू यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पहले तो लालू यादव ने तस्वीर को अपने पैरों के पास रखा और फिर एक तरह से कह दिया कि उसे कचरे में रखवा दो। यह देश के लिए शर्मिंदगी का विषय है। लालू यादव ने पूरे देश को शर्मिंदा किया।
उन्होंने यहां तक कहा कि लालू यादव पर इसे लेकर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
भाजपा सांसद ने कहा, “यह निकृष्टता की हद है। राजद की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह मुद्दा सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग अपने-अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं।”
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