भारत के ‘इबेरो-अमेरिकन कॉन्फ्रेंस’ में ‘एसोसिएट ऑब्जर्वर’ (सहयोगी पर्यवेक्षक) के रूप में शामिल होने के साथ ही उन्होंने इबेरो-अमेरिकन समुदाय के साथ संबंधों को और मजबूत करने की भारत की इच्छा पर जोर दिया।
इस कॉन्फ्रेंस में वर्तमान में 22 सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें 19 लैटिन अमेरिका से और तीन यूरोप से (स्पेन, पुर्तगाल और अंडोरा) हैं। इसके अलावा, इसमें 12 ‘एसोसिएट ऑब्जर्वर’ और 20 ‘कंसल्टेटिव ऑब्जर्वर’ (परामर्शदाता पर्यवेक्षक) भी हैं।
मार्गेरिटा ने शुक्रवार को एक्स पोस्ट में कहा, “भारत के ‘इबेरो-अमेरिकन कॉन्फ्रेंस’ में ‘एसोसिएट ऑब्जर्वर’ के रूप में शामिल होने पर स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस द्वारा स्वागत किए जाने से बहुत खुशी हुई। मैं इबेरो-अमेरिकन समुदाय के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद करती हूं।”
गुरुवार को शिखर सम्मेलन के दौरान मार्गेरिटा ने कोलंबिया के विदेश मंत्री ओमर बुला एस्कोबार के साथ बैठक की। इस दौरान दोनों पक्षों ने व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को मजबूत करने के बारे में चर्चा की।
बैठक के बाद, राज्य मंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा, “कोलंबिया के विदेश मंत्री महामहिम ओमर बुला एस्कोबार के साथ बातचीत करके खुशी हुई। हमारी चर्चा व्यापार, संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित रही।”
उन्होंने बोलीविया के विदेश मंत्री हेक्टर फ्रांसिस्को हुआंका से भी मुलाकात की, जहां मुख्य रूप से द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बात की।
स्पेन में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “मैड्रिड में 30वें इबेरो-अमेरिकन शिखर सम्मेलन के दौरान विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने कोलंबिया के विदेश मंत्री ओमर बुला एस्कोबार और बोलीविया के विदेश मंत्री हेक्टर फ्रांसिस्को हुआंका के साथ सार्थक बातचीत की।
