उन्होंने पाकिस्तान की तरफ से आतंकवादियों को संरक्षण देने को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत में अब तक जितनी भी सरकारें सत्ता में रहीं, उन सभी ने पाकिस्तान को सिर्फ यही कहा कि आप लोग आतंकियों को पनाह देना, उनका पालन-पोषण बंद कीजिए, लेकिन आज तक पाकिस्तान ने इस दिशा में कदम नहीं उठाया।
साथ ही, उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र कर कहा कि यह पाकिस्तान का अमानवीय कृत्य है, जिसके तहत उसने पर्यटकों को निशाना बनाया। इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी गलती स्वीकार नहीं कर रहा है। इसी को देखते हुए भारत को ऑपरेशन सिंदूर जैसा कदम उठाना पड़ा, जिससे परिणाम अब साफ देखने को मिल रहे हैं।
इसके अलावा, उन्होंने अलग-अलग देशों में भारत सरकार की तरफ से सर्वदलीय प्रति निधिमंडल भेजे जाने के उद्देश्य के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि हम इस प्रतिनिधिमंडल को भेजकर वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के नापाक चेहरे को बेनकाब करना चाहते हैं। हम पूरी दुनिया को यह बताना चाहते हैं कि किस तरह से वह आतंकवादियों को संरक्षण देता है, उन्हें पालता और पोषता है।
उन्होंने पाकिस्तान की फितरत को झूठा बताया और कहा कि वैश्विक मंच पर हमेशा से ही पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं। पाकिस्तान के पास अपना मौलिक कुछ नहीं है। वह सिर्फ दूसरे देशों की नकल करता है।
प्रेम चंद गुप्ता ने ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ करते हुए कहा कि इससे आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब मिला है। इस ऑपरेशन को सफल बनाने में हमारी सेना ने अहम भूमिका निभाई है। हमें अपनी सेना पर पूरा भरोसा है।
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