डार ने मीडिया से बातचीत में कहा, “पाकिस्तान कभी भीख मांगकर बातचीत नहीं करेगा। हम भारत से एक सम्मानजनक और समान स्तर पर व्यापक वार्ता के लिए तैयार हैं। इसमें जम्मू-कश्मीर का मुद्दा भी शामिल होगा, क्योंकि यह पाकिस्तान का वर्षों से स्थायी रुख रहा है।”
हालांकि भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि कश्मीर विवाद उसके लिए चर्चा का विषय नहीं है। नई दिल्ली का कहना है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस पर किसी तरह की वार्ता संभव नहीं। भारत की प्राथमिकता केवल पीओके की वापसी और सीमा पार से हो रहे आतंकवाद को समाप्त करने पर केंद्रित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की लगातार गुहार उसकी आंतरिक राजनीतिक और आर्थिक स्थिति की नाजुकता को दर्शाती है। वहीं, भारत की सख्त नीति यह संदेश देती है कि आतंकवाद और सीमा पार घुसपैठ जारी रहने तक द्विपक्षीय संबंध सामान्य नहीं हो सकते।
कुल मिलाकर, पाकिस्तान की ओर से बातचीत की अपील जारी है, लेकिन भारत अपने तय एजेंडे से हटने को तैयार नहीं है।
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