उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने में जहां भी महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए मुझे आमंत्रित किया जाता है, मैं बराबर हर कार्यक्रम में पहुंचता हूं। एक कार्यक्रम को भी मैं छोड़ता नहीं हूं। मैं मानता हूं कि महाराणा प्रताप का शौर्य, त्याग और संघर्ष इतना बड़ा है कि देश उनको कभी भूल नहीं सकता।
राजनाथ सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा ही नहीं थे, बल्कि वह भारत की एक सोच के प्रतीक थे, जो किसी भी कीमत पर अपने आत्मसम्मान और मूल्यों से समझौता नहीं कर सकते थे। अकबर ने तो महाराणा प्रताप से समझौता करने की कोशिश की।
रक्षा मंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप ने हर कष्ट सहा, लेकिन कभी-कभी मुगलों के सामने अपने घुटने नहीं टेके और अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए हल्दी घाटी की भूमि को दुश्मन के खून से लाल कर दिया था। पिछले महीने ही जयपुर में मैंने महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया था।
उन्होंने कहा कि अकबर भी चला गया और मुगल भी चले गए और उनके वशंजों का भी नामोनिशान मिट गया, लेकिन आज भी हिंदुस्तान के दिलों में महाराणा प्रताप जिंदा हैं। आज भी भारत की माताएं और बहनें अपने बच्चों को महाराणा प्रताप की कहानी सुनाती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय जगत में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। पहले जब अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत बोलता था तो बातों को इतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था, जितना लिया जाना चाहिए था। लेकिन अब अगर भारत बोलता है तो सारी दुनिया कान खोलकर सुनती है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि 2014 के पहले आए दिन भारत में कहीं न कहीं आतंकी घटनाएं होती थीं, तब कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष ने आतंकवादियों के मारे जाने पर आंसू बहाए थे। यहां तक कि राहुल गांधी ने तो यह कह दिया था कि हम आतंकी घटनाओं को रोक नहीं सकते, क्योंकि छुटपुट घटनाएं तो होती रहती हैं, लेकिन आज हमने अपने जवानों को खुली छूट दे दी है।
उन्होंने कहा कि आपने देखा होगा ऑपरेशन सिंदूर। इस बार धर्म पूछकर निर्दोष नागरिकों को मारा। दूसरे दिन ही मैंने तीनों सेना अध्यक्षों और अधिकारियों की बैठक बुलाई और बोला कि ऑपरेशन करना है। हम लोग प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठे और मैंने उनके दर्द और मन के उबाल को महसूस किया। और फिर जो कार्रवाई हुई है, वो आप सबने देखी है।
भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है पीएम मोदी का नेतृत्व: साक्षी महाराज!
