उन्होंने इस उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए आगे कहा, “यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो न केवल आपके व्यक्तिगत नेतृत्व और निरंतरता को दर्शाती है, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और स्थिरता का भी प्रतीक है।”
मैक्रों जब ये कह रहे थे तो उनका चेहरा खिला था और जैसे ही उन्होंने अपनी बात खत्म की वहां मौजूद लोगों ने तालियों से उनकी बातों का समर्थन किया।
इसके अलावा भी मैक्रों ने भारत-फ्रांस संबंधों को अति महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने माना कि भारत इनोवेशन का देश है। फ्रांस रक्षा, तकनीक और कई अन्य क्षेत्रों में ‘मेक इन इंडिया’ का भागीदार रहा है। एआई और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत और फ्रांस के बीच सच्ची रणनीतिक साझेदारी है।
इसके साथ ही मैक्रों ने कहा, “नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की बड़ी संभावनाएं हैं। स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) जैसी नई परमाणु तकनीकों में भी भारत और फ्रांस साथ काम कर सकते हैं।”
मैक्रों ने भारत की प्रशंसा करते हुए कहा कि फ्रांस हर साल यूरोप और अमेरिका को मिलाकर जितने इंजीनियर तैयार होते हैं, उतने इंजीनियर तैयार करता है। वहीं, इनोवेशन को लेकर भारत के बढ़ते कद की भी दाद दी। बोले, “अब सवाल यह नहीं है कि भारत इनोवेशन करता है या नहीं; सवाल यह है कि दुनिया में कौन भारत के साथ मिलकर इनोवेशन करेगा।”
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