“लोगों ने टैरिफ पर आलोचना की, लेकिन हमारे धैर्य का फल मिला”

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बोले पीएम मोदी

“लोगों ने टैरिफ पर आलोचना की, लेकिन हमारे धैर्य का फल मिला”

"People criticized the tariffs, but our patience paid off."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (3 फरवरी)को एनडीए संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को सरकार की दीर्घकालिक रणनीतिक धैर्य का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि शुल्क (टैरिफ) नीति को लेकर पहले जो आलोचनाएँ की गई थीं, वही अब सकारात्मक नतीजों में बदलती दिख रही हैं और इस समझौते ने देश के लिए अनुकूल आर्थिक माहौल तैयार किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक व्यापार वार्ताओं में सरकार ने जल्दबाज़ी के बजाय स्थिर और संतुलित दृष्टिकोण अपनाया, जिसका लाभ अब सामने आ रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “लोगों ने टैरिफ की आलोचना की, लेकिन हमने धैर्य बनाए रखा और अब इसके नतीजे सामने हैं।” उनके अनुसार, इस समझौते ने यह दिखाया है कि कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में भी भारत अपने हितों की रक्षा करते हुए आगे बढ़ सकता है।

मोदी ने बदलते वैश्विक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा विश्व व्यवस्था भारत के पक्ष में झुक रही है। उन्होंने कहा, “विश्व व्यवस्था बदल रही है और इसकी दिशा लगातार भारत की ओर झुक रही है। मैं यह बात विभिन्न वैश्विक मंचों पर कहता रहा हूं और आज हम देख रहे हैं कि कई देशों में व्यापार तनाव के बावजूद भारत को इसका लाभ मिल रहा है।” प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता इसी बदलती वैश्विक वास्तविकता का संकेत है।

प्रधानमंत्री ने सांसदों से संसद में पूर्ण उपस्थिति सुनिश्चित करने और चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार के कामकाज और नीतिगत उपलब्धियों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना सांसदों की अहम जिम्मेदारी है। इस संदर्भ में उन्होंने पार्टी नेताओं से नागरिकों से संवाद बढ़ाने और केंद्रीय बजट में घोषित प्रमुख उपलब्धियों को ज़मीनी स्तर तक ले जाने का आह्वान किया।

आर्थिक मोर्चे पर आगे की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का सीधा लाभ घरेलू विनिर्माण क्षेत्र को मिलना चाहिए। उनके अनुसार, यह समझौता न केवल उत्पादन को बढ़ावा देगा, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को प्रोत्साहित करेगा, जो भारत की औद्योगिक वृद्धि को मज़बूत करने के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है।

प्रधानमंत्री के बयान ऐसे समय आए हैं जब वैश्विक स्तर पर व्यापारिक अनिश्चितताएँ बनी हुई हैं और कई देशों के बीच शुल्क विवाद जारी हैं। ऐसे में सरकार का यह आकलन है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता आने वाले वर्षों में निवेश, उत्पादन और आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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