प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (22 सितंबर) को अरुणाचल प्रदेश में 5,100 करोड़ रुपए से अधिक की 13 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने 3,700 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली दो प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी, जिन्हें नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (नीपको) और अरुणाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने राजधानी ईटानगर के इंदिरा गांधी पार्क में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “अरुणाचल प्रदेश उगते सूर्य की धरती के साथ देशभक्ति की उमंग की धरती भी है। जैसे तिरंगे का पहला रंग केसरिया है, वैसे ही अरुणाचल का पहला रंग भी केसरिया है। यहां का हर व्यक्ति शौर्य और शांति का प्रतीक है।”
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 से पहले अरुणाचल प्रदेश को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस सोचती थी कि क्योंकि यहां दो ही लोकसभा सीटें हैं, तो क्यों ध्यान दिया जाए। इस सोच से पूरे नॉर्थ ईस्ट का विकास पिछड़ गया। 2014 में जब आपने मुझे सेवा का मौका दिया, तब मैंने देश को ऐसी सोच से मुक्त करने का संकल्प लिया। हमारी प्रेरणा नेशन फर्स्ट की भावना है, वोटों या सीटों की संख्या नहीं।”
पीएम मोदी ने नॉर्थ ईस्ट के आठों राज्यों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र के लिए अधिक से अधिक धन खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के 10 वर्षों में अरुणाचल प्रदेश को केवल 6,000 करोड़ रुपए टैक्स के हिस्से के रूप में मिले थे, जबकि भाजपा सरकार के 10 वर्षों में यह राशि 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गई। उन्होंने इसे भाजपा सरकार द्वारा कांग्रेस की तुलना में अरुणाचल को 16 गुना अधिक समर्थन देने का उदाहरण बताया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने क्षेत्र की विशाल जलविद्युत क्षमता का उपयोग और निरंतर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की भी अहमियत पर जोर दिया।
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