प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि बांग्लादेश में जारी अशांति के बीच वहां के हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर 140 करोड़ भारतीय गंभीर चिंता जता रहे हैं। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब हिंसा-ग्रस्त बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर लगातार हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा चाहता है कि उसके पड़ोसी देश शांति और समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा, “एक पड़ोसी देश होने के नाते मैं समझ सकता हूं कि बांग्लादेश में जो कुछ हुआ है, उसे लेकर चिंता स्वाभाविक है। मेरी कामना है कि वहां की स्थिति जल्द से जल्द सामान्य हो। 140 करोड़ देशवासियों की चिंता है कि वहां के हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।” प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आने वाले समय में भी भारत बांग्लादेश की विकास यात्रा के लिए शुभकामनाएं देता रहेगा, क्योंकि “हम मानवता के कल्याण के बारे में सोचते हैं।”
बांग्लादेश में अशांति का दौर जून से जारी है। यह विरोध प्रदर्शन शुरू में सरकारी नौकरियों में कोटा व्यवस्था के खिलाफ था, लेकिन जल्द ही यह आंदोलन सरकार-विरोधी हो गया। इस अशांति के बीच बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से बेदखल कर देश छोड़ना पड़ा और वह भारत आ गईं। इसके बाद से वहां अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं, पर हमलों में तेजी आई। भीड़ ने हिंदुओं के व्यवसाय और घरों में तोड़फोड़ व लूटपाट की, यहां तक कि उन्हें पीट-पीटकर मार डालने की घटनाएं भी हुईं।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा है कि वे भी देश के नागरिक हैं और समान अधिकारों के हकदार हैं। उन्होंने हिंसा रोकने और शांति बहाल करने की अपील की है।
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