भारतीय संगीत जगत की महान गायिका आशा भोसले के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। 92 वर्ष की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर है और संगीत प्रेमी व फिल्मी हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शोक संदेश साझा करते हुए लिखा, “आशा भोसले जी के गुज़र जाने से बहुत दुख हुआ, वे भारत की सबसे मशहूर और कई तरह से काम करने वाली आवाज़ों में से एक थीं। दशकों तक चले उनके ज़बरदस्त म्यूज़िकल सफ़र ने हमारी कल्चरल विरासत को बेहतर बनाया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। चाहे उनकी दिल को छू लेने वाली धुनें हों या जानदार कंपोज़िशन, उनकी आवाज़ में हमेशा रहने वाली चमक थी। मैं उनके साथ हुई बातचीत को हमेशा याद रखूंगा। उनके परिवार, चाहने वालों और म्यूज़िक पसंद करने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं। वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गाने हमेशा लोगों की ज़िंदगी में गूंजते रहेंगे।”
Deeply saddened by the passing of Asha Bhosle Ji, one of the most iconic and versatile voices India has ever known. Her extraordinary musical journey, spanning decades, enriched our cultural heritage and touched countless hearts across the world. Be it her soulful melodies or… pic.twitter.com/SbFrzf1Meu
— Narendra Modi (@narendramodi) April 12, 2026
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में आशा भोसले की बहुमुखी प्रतिभा और उनके लंबे संगीत सफर को याद करते हुए कहा कि उनकी आवाज ने दुनिया भर के लाखों दिलों को छुआ है और उनका योगदान भारतीय सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने वाला रहा है।
8 सितंबर 1933 को जन्मीं आशा भोसले ने अपने सात दशकों से अधिक लंबे करियर में करीब 12,000 गाने गाए। उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, पंजाबी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम, उर्दू और गुजराती सहित 20 से अधिक भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उनकी इस उपलब्धि के लिए उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया।
आशा भोसले, स्वरसम्राट दीनानाथ मंगेशकर की पुत्री और महान गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाने के लिए कठिन परिश्रम किया और गजल, कैबरे, रोमांटिक गीतों से लेकर शास्त्रीय संगीत तक हर शैली में महारत हासिल की।
उनके प्रसिद्ध गीतों में “इन आंखों की मस्ती के मस्ताने हजारों हैं”, “पिया तू अब तो आजा”, “दम मारो दम”, “चुरा लिया है तुमने जो दिल को”, “झुमका गिरा रे” और “राधा कैसे ना जले” जैसे कई अमर गीत शामिल हैं।
आशा भोसले के निधन को भारतीय संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। प्रधानमंत्री के शोक संदेश के साथ ही देशभर में उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी जा रही है। उनके गीत और उनकी आवाज आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।
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