यह बातें उन्होंने ‘योगांध्र 2025’ नामक राज्य-भर के योग अभियान की शुरुआत के बाद पत्रकारों से कही। यह अभियान एक महीने तक चलेगा और इसका समापन 21 जून को विशाखापट्टनम में होने वाले 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में होगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी भी भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री नायडू ने ‘योगांध्र’ वेबसाइट भी लॉन्च की और सभी लोगों से योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग से मानसिक तनाव दूर होता है, और यह केवल किसी एक दिन का कार्यक्रम या फोटो खिंचवाने का मौका नहीं है। योग ऐसा अभ्यास है जो जीवन में बड़ा बदलाव लाता है। हमें इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।”
मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि ‘योगांध्र’ अभियान में कम से कम दो करोड़ लोगों की भागीदारी का लक्ष्य है और दस लाख लोगों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि राज्य के सभी स्कूलों में रोजाना एक घंटे का योग सत्र आयोजित किया जाएगा।
21 जून को विशाखापट्टनम में होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में पांच लाख लोगों के भाग लेने की योजना है। यह कार्यक्रम आर.के. बीच से भोगापुरम तक फैलेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना है, जिसमें एक ही जगह सबसे अधिक लोग योग करें, जिसमें विशाखापत्तनम में लगभग 2.5 लाख लोग भाग लेंगे।
2023 में सूरत में 1.53 लाख लोगों ने एक जगह इकट्ठा होकर योग किया था और तब नया रिकॉर्ड बना था। आंध्र प्रदेश सरकार अब विशाखापट्टनम में इससे भी बड़ा रिकॉर्ड बनाना चाहती है। इसके लिए अधिकारियों ने आर.के. बीच से भीमुनिपटनम बीच तक योग के लिए करीब 2.5 लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था की है।
पिछले हफ्ते एक समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि कार्यक्रम के लिए 68 स्थान चुने गए हैं, जिनमें 2,58,948 लोगों के भाग लेने की क्षमता है। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि आर.के. बीच से श्रीकाकुलम तक समुद्री तट के सभी उपयुक्त स्थानों पर योग सत्र रखकर पांच लाख लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
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