प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (18 जुलाई) को बिहार के मोतीहारी में ₹7,200 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। ये परियोजनाएं रेलवे, सड़क, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे कई क्षेत्रों से संबंधित हैं।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार का विकास, पूर्वी भारत के विकास के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आज बिहार में विकास तेज़ी से हो रहा है क्योंकि केंद्र और राज्य की सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि यूपीए सरकार के 10 वर्षों में बिहार को लगभग दो लाख करोड़ रुपए मिले थे, जबकि एनडीए सरकार ने बीते 10 वर्षों में इससे कहीं अधिक राशि राज्य के विकास में लगाई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार देश के युवाओं को रोजगार देने के लिए एक लाख करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में सरकार ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि बिहार के युवाओं को अधिकतम रोज़गार के अवसर बिहार में ही मिलें। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद और कांग्रेस के शासनकाल में गरीबों को पक्के घर नहीं मिल पाए थे, लेकिन पिछले 11 वर्षों में पीएम आवास योजना के तहत चार करोड़ से अधिक घर बनाए गए, जिनमें से 60 लाख घर बिहार में बने हैं।
मोदी ने कहा कि उन्होंने बिहार की इसी भूमि से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का संकल्प लिया था और आज पूरी दुनिया उसकी सफलता देख रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में क्षमता और संसाधनों की कोई कमी नहीं है और अब यही संसाधन राज्य की प्रगति का माध्यम बन रहे हैं।
किसानों के बारे में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों की आय और उत्पादकता बढ़ाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक देशभर के किसानों को करीब 3.5 लाख करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने कई रेलवे परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं। इनमें समस्तीपुर-बछवारा रेल लाइन के बीच ऑटोमैटिक सिग्नलिंग, दरभंगा-थलवारा और समस्तीपुर-रामभद्रपुर रेल लाइनों के दोहरीकरण जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने राजेंद्र नगर टर्मिनल (पटना) से दिल्ली, बापूधाम मोतिहारी से दिल्ली, दरभंगा से लखनऊ और मालदा टाउन से लखनऊ के बीच चार नई अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
प्रधानमंत्री ने दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बिहार की 61,000 से अधिक स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को ₹400 करोड़ की राशि जारी की। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के तहत 40,000 लाभार्थियों को ₹160 करोड़ से अधिक की राशि दी गई और 12,000 लाभार्थियों को गृह प्रवेश की चाबी भी सौंपी गई।
इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के रोज़गार को प्राथमिकता दी है। उन्होंने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार दिया जाएगा।
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