प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे वडोदरा पहुंचेंगे। वे वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के तीन महत्वपूर्ण खंडों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनकी लंबाई 326 किलोमीटर है और जिन्हें 20,700 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इनमें साणंद (उत्तर)-मकरपुरा, न्यू उंबरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जेएनपीटी खंड शामिल हैं।
जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) की सीधी कनेक्टिविटी से कार्गो की आवाजाही तेज होगी, औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों के बीच संपर्क मजबूत होगा, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और मुंबई के रेलवे नेटवर्क पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी।
इन खंडों के शुरू होने के साथ ही, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) नेटवर्क अपनी पूरी लंबाई में पूरी तरह से काम करने लगेगा। यह डेडिकेटेड फ्रेट इंफ्रास्ट्रक्चर बहुआयामी कनेक्टिविटी में सुधार करके, पारगमन समय को कम करके और विभिन्न क्षेत्रों में माल की सुगम आवाजाही को सुविधाजनक बनाकर देश के लॉजिस्टिक्स पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करेगी।
प्रधानमंत्री मुंबई के न्यू साणंद (उत्तर), न्यू मकरपुरा, न्यू उंबरगांव और न्यू जेएनपीटी से मालगाड़ी सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके अलावा, वे वडोदरा और टांडा रोड के बीच एक नई ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे वडोदरा, छोटा उदेपुर और अलीराजपुर जिलों के लोगों को लाभ होगा।
पीएम मोदी छोटा उदयपुर-धार प्रोजेक्ट के तहत बनी जोबाट-टांडा रोड नई रेल लाइन को देश को समर्पित करेंगे। यह नई रेल लाइन अलीराजपुर के दूर-दराज और आदिवासी इलाकों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।
प्रधानमंत्री मंगलवार को 329 किलोमीटर लंबी और 9,700 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली तीन रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी लाइन, मियागाम करजन-चोरंडा-मलसर गेज कन्वर्जन और विश्वमित्री-दभोई दोहरीकरण परियोजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं से यात्री और माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी और गुजरात व मध्य प्रदेश के बीच संपर्क मजबूत होगा।
पीएम मोदी लगभग 1,780 करोड़ रुपए की लागत वाली तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा, वे एनएच-48 के वडोदरा-सूरत खंड पर सड़क सुरक्षा में सुधार और यातायात संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए कंदारी चौकड़ी और लुवारा पाटिया में छह लेन के फ्लाईओवर का उद्घाटन करेंगे।
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