इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित होने वाला यह आयोजन नवाचार, नीति और प्रौद्योगिकी के व्यापक प्रभाव को दर्शाने का एक राष्ट्रीय मंच होगा, जो आम नागरिकों तक पहुंचने का प्रयास करेगा। यह एक्सपो एआई के व्यावहारिक प्रदर्शन का एक राष्ट्रीय मंच होगा।
यह एक्सपो 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले 10 एरेना में होगा और इसमें विश्वभर की प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों का समागम होगा। इस एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन होंगे, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका शामिल हैं।
इस आयोजन में 300 से अधिक प्रदर्शनी मंडप और लाइव प्रदर्शन होंगे, जो तीन मुख्य विषयों (लोग, ग्रह और प्रगति) पर आधारित होंगे। इसके अलावा 600 से अधिक स्टार्टअप्स भी शामिल होंगे, जिनमें से कई विश्व स्तर पर प्रभावशाली और व्यावहारिक समाधान विकसित कर रहे हैं। ये स्टार्टअप्स वास्तविक दुनिया में उपयोग हो रहे एआई समाधानों का प्रदर्शन करेंगे।
इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित 25 लाख से अधिक आगंतुकों की भागीदारी की उम्मीद है। इस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र में नई साझेदारियां स्थापित करना और व्यावसायिक अवसर उत्पन्न करना है।
इसके अलावा, 500 से अधिक सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें 3250 से अधिक विशेषज्ञ और पैनल सदस्य शामिल होंगे। इन सत्रों में एआई के बदलावकारी प्रभावों पर चर्चा की जाएगी और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श होगा ताकि एआई का लाभ हर नागरिक तक पहुंचे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भारत के विकास सफर, गवर्नेंस को मजबूत करने और पब्लिक सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाने में एक अहम भूमिका निभाता है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों के साथ एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहे हैं। वे सोमवार देर रात को भारत पहुंचेंगे और 19 फरवरी को समिट में हिस्सा लेंगे।
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