पीएम मोदी ने आगे कहा, “स्थानीय उत्पादों की चर्चा करते हुए एक और विषय की ओर ध्यान ले जाना चाहता हूं। किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता के साथ ही उसकी पैकेजिंग भी मायने रखती है। कई बार हम बाजार में अच्छी पैकेजिंग देखकर कई चीजें हाथ में उठाते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, “महाराष्ट्र में आदिवासी समुदाय ने अपने बनाए उत्पादों की पैकेजिंग पर बहुत फोकस किया है। सबरी नेचुरल के जरिए शहद, महुआ, चिरौंजी और बांस से बने उत्पाद बाजार में लाए जा रहे हैं। इनकी पैकेजिंग पर आदिवासी कला की छाप है।
पीएम मोदी ने कहा, “जब स्थानीय उत्पादों की बात होती है तो खादी की चर्चा स्वाभाविक है। इस बार गांधी जयंती पर सिर्फ एक दिन में गांधी ग्रामोद्योग के उत्पादों की बिक्री 28 करोड़ रुपये से अधिक रही। यह पिछले साल से 1.5 करोड़ रुपये अधिक है, यानी खादी की लोकप्रियता निरंतर बढ़ती जा रही है। इसका लाभ उन लोगों तक भी पहुंच रहा है, जिनके हुनर और मेहनत से खादी हैंडीक्राफ्ट जैसी कई चीजें तैयार हो रही हैं।”
प्रधानमंत्री ने स्वदेशी उत्पाद खरीदने की अपील करते हुए कहा, “त्योहारों पर लोग अपने परिवार और प्रियजनों के लिए बहुत कुछ खरीदते हैं। इस बार भी खरीदारी करते समय स्थानीय कारीगरों के बनाए गए उत्पादों को प्राथमिकता दें।



