गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक का अपना 25 साल का सफर पूरा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की विकास यात्रा में बदलती सोच पर ज़ोर दिया। “यह नहीं हो सकता” वाली निराशा खत्म हो गई है और आज देश को यह भरोसा है कि “यह हो सकता है, हम इसे करके दिखाएंगे”। उन्होंने देश से अपील की कि इसी भरोसे के बल पर विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए आगे बढ़ें।
25 years of serving the people… I bow to 140 crore Indians for their trust and look forward to serving the nation with greater commitment in the times to come. https://t.co/rO1LXY9Csm
— Narendra Modi (@narendramodi) October 7, 2026
7 अक्टूबर, 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद वे 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। उनके नेतृत्व में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस ने 2014, 2019 और 2024 में तीन लोकसभा चुनाव जीते। 9 जून, 2024 को मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस तरह, 7 अक्टूबर, 2026 को सरकार के मुखिया के तौर पर उनका लगातार 25 साल का कार्यकाल पूरा हुआ। ‘यह नहीं होगा’ से ‘हम इसे करेंगे’
प्रशासन में अपने 25 साल के सफर को याद करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने देश में बदलते भरोसे की ओर ध्यान दिलाया। उनके मुताबिक, पहले जब बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, तो “यह नहीं हो सकता” वाली सोच होती थी। लेकिन अब हालात बदल गए हैं, और देश में यह विश्वास पैदा हुआ है कि “यह होगा” और “हम इसे करेंगे”। चुनौतियां बनी रहेंगी और वे अलग-अलग रूपों में सामने आती रहेंगी। लेकिन भारत ने हर चुनौती का सामना करने की क्षमता बना ली है, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा। उनके मुताबिक, यह सिर्फ इस सामूहिक विश्वास से ही होता है कि कुछ संभव है और हम इसे हासिल कर सकते हैं, जिससे बड़े सपने सच होते हैं।
मैं अभी भी एक स्टूडेंट हूं- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मेरी सीखने की क्षमता कभी कम नहीं होनी चाहिए। मैं जितना ज़्यादा सीखूंगा, देश के लिए अच्छा काम करने की मेरी क्षमता उतनी ही बढ़ेगी। जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मेरा दिल शुक्रगुज़ार होता है। मैं हर उस इंसान और हर उस घटना का शुक्रगुज़ार हूं जिसने मुझे कुछ सिखाया। जिन्होंने मुझे जिताया, उन्होंने मुझे विनम्रता सिखाई। जिन्होंने मुझे गिराया, उन्होंने मुझे फिर से उठना सिखाया।” उन्होंने आगे कहा कि सीखने का जुनून ज़िंदगी का हिस्सा बन गया है और आज भी मैं खुद को एक स्टूडेंट मानता हूं।”
देशवासियों का विश्वास ही ताकत है
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज सुबह मैं श्री विनायक मंदिर गया। मैंने देश के लिए, 1.4 बिलियन भारतीयों के लिए और अपने लिए भगवान से प्रार्थना की। मेरी प्रार्थना है कि भगवान, मुझे अपने देश के लिए और भी ज़्यादा एनर्जी के साथ काम करने की ताकत और शक्ति दें। मैं आज जो भी हूं, जहां भी हूं, जो भी ज़िम्मेदारी है, उसमें लोगों का सबसे बड़ा हिस्सा है। मेरे लिए, लोग ही भगवान हैं। लाखों देशवासियों का विश्वास और लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।” ये 25 साल का अनुभव एक बहुत बड़ी संपत्ति है और यह संपत्ति सिर्फ़ मोदी की नहीं बल्कि पूरे देश की है।
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