अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जितना ज्यादा वह इस पार्टी को देखते हैं, उतना ही इसके इरादों पर उनका शक बढ़ता जाता है। उन्होंने इसके पैटर्न को नजरअंदाज करना मुश्किल बताया और कहा कि वह सिर्फ सवाल उठा रहे हैं।
अशोक पंडित का आरोप है कि अन्ना हजारे के आंदोलन को केजरीवाल ने अपनी निजी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए इस्तेमाल कर लिया। उन्होंने दावा किया कि जिसे नए भारत का चेहरा बताया गया, वही व्यक्ति बाद में शराब तस्करी के मामले में फंस गए और जेल भी गए।
उन्होंने पेपर लीक जैसे मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पेपर लीक स्कैंडल बेहद निंदनीय है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) अपने राजनीतिक एजेंडे के कारण असली मुद्दों को छोटा कर रही है।
अशोक पंडित ने दिल्ली चुनाव में हार के बाद केजरीवाल की राजनीतिक स्थिति का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि केजरीवाल अपनी कम होती राजनीतिक पूंजी को बचाने के लिए नया मुद्दा चाहते हैं। पंजाब, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में आने वाले चुनावों को देखते हुए वे गुस्से की लहर खड़ी करके फायदा उठाना चाहते हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि चुनावों के नजदीक आने पर देशभर में ऐसे विरोध प्रदर्शन अचानक बढ़ सकते हैं। साथ ही उन्होंने किसान आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी विदेशी हस्तियों, टूलकिट और हाईवे पर राजनीतिक नाटक देखे जा चुके हैं, जो चुनाव खत्म होते ही गायब हो गए थे। उन्होंने कहा कि वास्तव में मुखौटे बदलते रहते हैं, लेकिन असली चेहरा वही रहता है।
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