प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में शिक्षक अलग-अलग श्रेणियों में बंटे हुए हैं। कोई वित्त रहित, कोई नियोजित, कोई विशिष्ट, कोई विद्यालय शिक्षक, प्रधानाचार्य या अतिथि शिक्षक हैं। जन सुराज ने संकल्प लिया है कि सभी श्रेणियों के शिक्षकों के लिए सातवां वेतनमान सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के साथ होने वाले इस तरह के शोषण पर रोक जरूरी है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि अगर जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. बी. मोहन जीतते हैं तो 10 हजार पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने की जिम्मेदारी जन सुराज की होगी। उन्होंने कहा कि श्याम नंदन यादव शिक्षकों की लड़ाई लड़ेंगे, जबकि डॉ. बी. मोहन स्नातकों की आवाज बनेंगे।
जदयू को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि पार्टी की ताकत पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार थे। उनके राजनीतिक रूप से निष्क्रिय होने के बाद जदयू का कोई भविष्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में जदयू को भाजपा के अमित शाह चला रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले तीन-चार वर्षों में जदयू का भाजपा में विलय तय है।
उन्होंने कहा, “आज नहीं तो कल जदयू को इतना कमजोर कर दिया जाएगा कि वह भाजपा की बी-टीम बन जाए या भाजपा में विलय कर जाए।” उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो उनसे सवाल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जन सुराज का लक्ष्य केवल विधायक बनना या सत्ता-विपक्ष में आना नहीं है, बल्कि बिहार में सुधार करना है। व्यवस्था में जहां भी अन्याय होता है, वहां जन सुराज आवाज उठाता है और जनता उसके पास आती है।



