अजय लल्लू ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा देश भर के करोड़ों भक्तों के लिए गहरी आस्था का विषय है। आयोजन के दौरान तीन लोगों की मौत दिल दहला देने वाली और बेहद दुखद है।
भीड़ के प्रबंधन में ओडिशा सरकार पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि रथ यात्रा के लिए लाखों लोग एकत्र हुए हैं। पहले भी उचित व्यवस्था और निगरानी होती थी। लेकिन, इस बार सरकार ने केवल वीआईपी प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया, आम जनता की सुरक्षा और आवाजाही की अनदेखी की। यह पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता है।
लल्लू ने कहा कि राहुल गांधी के निर्देश पर घायलों की सहायता के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद हैं। कांग्रेस ने दस से अधिक एंबुलेंस तैनात की हैं। हमारी पार्टी के कार्यकर्ता पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ पीड़ितों को उपचार और आपातकालीन जरूरतों में मदद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हजारों वीआईपी, विधायकों, मंत्रियों और उनके दल के लिए पास किसने जारी किए? मुख्यमंत्री, सांसद और मंत्री दिन-रात वहां मौजूद थे। इस अव्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है? उन्होंने अधिकारियों के तबादले की आलोचना करते हुए कहा कि सिर्फ डीएम-एसपी का तबादला करके सरकार क्या संदेश देना चाहती है? क्या जवाबदेही नहीं होनी चाहिए? क्या वास्तव में जिम्मेदार लोगों को सजा नहीं मिलनी चाहिए?
लल्लू ने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के अपने प्राथमिक कर्तव्य में विफल रही है। यह आपदा सरासर लापरवाही का नतीजा है और सरकार को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।



