राहुल गांधी का बड़ा आरोप: “2024 का लोकसभा चुनाव रिग्ड था, हमारे पास सबूत हैं”

चुनाव आयोग ने कहा– “बेबुनियाद और गैरजिम्मेदाराना आरोप”

राहुल गांधी का बड़ा आरोप: “2024 का लोकसभा चुनाव रिग्ड था, हमारे पास सबूत हैं”

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार (2 अगस्त)को पार्टी की लीगल कॉन्फ्रेंस के दौरान 2024 के लोकसभा चुनाव को ‘रिग्ड’ यानी धांधली होने का दावा किया, साथ ही उनका दवा है कि कांग्रेस के पास इसके पक्के आंकड़े और दस्तावेज़ हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “भारत में अब चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहा है। चुनाव आयोग मर चुका है।”

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा,“लोकसभा चुनाव को रिग किया जा सकता है और 2024 का लोकसभा चुनाव रिग हुआ है। हमारे पास अब डेटा है, हम इसे साबित करने जा रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि सिर्फ एक लोकसभा सीट में जब पार्टी ने मतदाता सूची की जांच की तो 6.5 लाख मतदाताओं में से 1.5 लाख फर्जी मतदाता पाए गए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा,“अगर उन्हें 15–20 सीटें कम मिलतीं, तो नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बन पाते,”

राहुल गांधी ने बताया कि उन्हें चुनाव प्रणाली पर संदेह 2014 से ही था, लेकिन गुजरात विधानसभा चुनावों में यह शक और गहरा हुआ। “राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात जैसे राज्यों में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलती — यह मेरे लिए चौंकाने वाला था। लोग पूछते थे — सबूत कहां है?” राहुल ने कहा कि महाराष्ट्र में पार्टी ने चुनाव में जीत दर्ज की थी, लेकिन चार महीने बाद हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी पूरी तरह साफ हो गई।

“हमने जांच शुरू की और पाया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच 1 करोड़ नए वोटर जोड़े गए। इनमें से अधिकांश वोट बीजेपी को गए।” गांधी ने जोर देकर कहा कि अब उनके पास पूरा प्रमाण है कि चुनाव में गड़बड़ी हुई।

राहुल गांधी के आरोपों पर शुक्रवार को चुनाव आयोग ने तीखी प्रतिक्रिया दी। आयोग ने बयान में कहा,“चुनाव आयोग रोज़ाना किए जा रहे इस तरह के बेबुनियाद आरोपों को नजरअंदाज करता रहा है। लेकिन सभी चुनाव अधिकारियों से अपील करता है कि वे निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से काम करते रहें और ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों पर ध्यान न दें।” आयोग ने राहुल गांधी के बयानों को गैर-जिम्मेदाराना और तथ्यों से परे बताया और दोहराया कि देश में चुनाव प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से संचालित होती है।

राहुल गांधी के इस बयान ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जहां कांग्रेस इस मुद्दे पर एक बड़ा अभियान छेड़ने की तैयारी में है, वहीं बीजेपी और चुनाव आयोग ने इसे राजनीतिक नौटंकी और झूठा प्रचार करार दिया है। यह मामला आने वाले हफ्तों में और भी गर्मा सकता है क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने इन तथाकथित फर्जी वोटरों के आंकड़ों को सार्वजनिक करने की बात भी कही है। अब देखना होगा कि यह विवाद कोर्ट और संसद तक पहुंचता है या नहीं।

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