हरियाणा कांग्रेस के संगठन विस्तार का रोडमैप तैयार करने के लिए आज सांसद राहुल गांधी चंडीगढ़ पहुंच गए है। राहुल हरियाणा कांग्रेस के दफ्तर पहुंचकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद संगठन विस्तार के लिए नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षकों और उनके सहयोगी नेताओं के साथ बैठक करेंगे।
इस दौरान राहुल 11 साल से लटके हरियाणा में संगठन विस्तार को लेकर दिशा निर्देश देंगे। हरियाणा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और चंडीगढ़ पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सूत्रों के अनुसार, कई कार्यकर्ताओं को सेक्टर-9 स्थित कांग्रेस कार्यालय में प्रवेश करने से रोका गया, जिससे नाराज कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ बहस शुरू कर दी।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में हार के कारणों का पता लगाने के बाद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल ने फैक्ट फाइडिंग कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने चुनाव हारने वाले 52 उम्मीदवारों के साथ वर्चुअल बैठक करके हार के कारण पूछे थे। सभी उम्मीदवारों ने पार्टी की गुटबाजी, भितरघात और वरिष्ठ नेताओं की आपसी रंजिश को हार के लिए जिम्मेदार ठहराया था।
प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच गुटबाजी, कुछ विधायकों का भाजपा व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रति लगाव और पार्टी के खिलाफ बयान, नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति न होने सहित कई मुद्दों पर उदयभान ने कहा कि पुरानी छोड़िए। वो सब बीत चुका है। राहुल गांधी आ रहे हैं, सभी वरिष्ठ नेताओं से बात होगी और सभी दिल से एक साथ भी दिखेंगे।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे अपने नेता राहुल गांधी के स्वागत के लिए उत्साहित थे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। हरियाणा कांग्रेस के संगठन विस्तार को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व सांसद राहुल गांधी बुधवार को 11.10 बजे चंडीगढ़ एयरपोर्ट और 12 बजे तक चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित पार्टी कार्यालय पहुंच जाएंगे।
बता दें कि गुजरात मॉडल के तर्ज पर चलने वाली हरियाणा कांग्रेस के संगठन विस्तार पर राहुल कई अहम मुद्दों पर बात करेंगे। गुजरात मॉडल में राहुल ने साफ कर दिया था कि अब असली कांग्रेसी ही पार्टी में रहेंगे। इसी वजह से जिला अध्यक्षों के लिए मानक भी निर्धारित किए गए हैं। राहुल पार्टी में रहकर भाजपा की मदद करने वाले जयचंदों की खिंचाई भी कर सकते हैं। यह भी माना जा रहा है कि राहुल के दौरे के बाद नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति भी हो सकती है।
11 साल बाद हरियाणा कांग्रेस के संगठन का विस्तार होने की प्रबल संभावना नजर आ रही है। इससे पहले संगठन विस्तार की कई कोशिशें हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की गुटबाजी के कारण नाकाम रही थी। पहली बार वरिष्ठ नेताओं की गुटबाजी को दूर रखकर केंद्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में संगठन विस्तार की कवायद शुरू हुई है।
यह भी पढ़ें-
‘जी हुजूर’ टिप्पणी पर भाजपा का हमला, राहुल गांधी को बताया अपरिपक्व नेता!



