जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर मंगलवार (29 जुलाई)को राज्यसभा में चर्चा की शुरुआत होगी। इस बहुप्रतीक्षित बहस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के भाग लेने की संभावना है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी इस चर्चा में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
यह बहस लोकसभा सत्र के एक दिन बाद हो रही है, जिसमें राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “भारत किसी भी उकसावे का जवाब देने में संकोच नहीं करेगा। आतंक को समर्थन देने वालों के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि भारत आक्रामकता का जवाब निर्णायक रूप से देगा।” उनके इस बयान पर सत्तापक्ष के सांसदों ने मेजें थपथपा कर समर्थन व्यक्त किया।
लोकसभा में रक्षा मंत्री ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए और पाकिस्तान तथा पीओके में स्थित 9 आतंकी लॉन्चपैड्स को सटीक हमलों से नष्ट किया गया। उन्होंने इसे भारत की रणनीतिक दृढ़ता और सैन्य शक्ति का प्रतीक बताया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने वक्तव्य में बताया कि भारत को इस ऑपरेशन के लिए वैश्विक मंचों पर समर्थन और सहानुभूति मिली। उन्होंने कहा कि भारत की कूटनीतिक पहल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस कार्रवाई की आवश्यकता और औचित्य को समझाने में मदद की।
बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर राजनाथ सिंह और जयशंकर के भाषणों की सराहना की। उन्होंने लिखा, “दोनों नेताओं के भाषण में नए भारत की ताकत और संकल्प झलकता है। यह हमारे सैनिकों की बहादुरी और पेशेवर कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है।” अब जब राज्यसभा में यह बहस शुरू होने जा रही है, तो ऑपरेशन सिंदूर के कार्यान्वयन, इसके सामरिक परिणामों और अंतरराष्ट्रीय प्रभावों पर और अधिक विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। साथ ही यह चर्चा देश की सुरक्षा नीति और आतंकी विरोधी रणनीति की दिशा को लेकर भी संकेत दे सकती है।
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