भारतीय सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने फ्रांस की सफल यात्रा के बाद बुधवार सुबह इटली की राजधानी रोम में कदम रखा। यह यात्रा भारत की आतंकवाद के खिलाफ कड़ी और अटल नीति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा करने के उद्देश्य से की जा रही है।
इटली पहुंचने पर भारतीय राजदूत वाणी राव ने प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। रोम स्थित भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, “रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल व्यापक चर्चा के लिए रोम पहुंचा। उनका राजदूत वाणी राव ने स्वागत किया। यह प्रतिनिधिमंडल ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ भारत का दृढ़ और एकजुट संदेश देगा।”
नौ सदस्यीय इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के साथ दग्गुबाती पुरंदेश्वरी, गुलाम अली खटाना, समिक भट्टाचार्य, एम.जे. अकबर, कांग्रेस सांसद अमर सिंह, शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी, एआईएडीएमके के एम. थंबीदुराई और पूर्व राजदूत पंकज सरन शामिल हैं।
इटली में प्रतिनिधिमंडल कई शीर्ष राजनेताओं, शिक्षाविदों, थिंक टैंक्स और प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्यों से संवाद करेगा। उनका उद्देश्य है कि वे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत के ‘नए सामान्य’ यानी आतंकवाद के खिलाफ समझौता न करने वाली नीति को स्पष्ट रूप से अंतरराष्ट्रीय जगत के समक्ष रखें।
इससे पहले, फ्रांस में प्रतिनिधिमंडल ने फ्रांसीसी संसद के सांसदों, सीनेटरों और विदेशी मीडिया से विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने फ्रेंच नेशनल असेंबली में फ्रांस-भारत मैत्री समूह के अध्यक्ष थियरी टेसन और फ्रेंच सीनेट में उपाध्यक्ष जैकलीन यूस्टेश-ब्रिनियो सहित अन्य सांसदों से भेंट की।
फ्रांस में हुई बातचीत का जिक्र करते हुए रविशंकर प्रसाद ने एक्स पर लिखा, “हमने फ्रांसीसी मीडिया के साथ बातचीत में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रयासों की जानकारी साझा की। हमने संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादियों को पाकिस्तान में दी जा रही शरण और 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया को रेखांकित किया।”
उन्होंने आगे लिखा, “आतंकवाद के मुद्दे पर पूरी दुनिया को एक स्वर में बोलने की जरूरत है। निर्दोष भारतीयों की हत्या की घटनाएं वैश्विक चिंता का विषय हैं और इन पर वैश्विक प्रतिक्रिया आवश्यक है।”फ्रांसीसी सांसदों ने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति के प्रति समर्थन जताते हुए रणनीतिक साझेदारी की मजबूती और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों की पुष्टि की।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल की यह यूरोपीय यात्रा वैश्विक स्तर पर भारत की कूटनीतिक सक्रियता और आतंकवाद पर स्पष्ट नीति को रेखांकित करती है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और अधिक मजबूत बनाना है।
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