पीएम मोदी ने तो लाम का स्वागत करते हुए कहा, “राष्ट्रपति तो लैम का भारत में स्वागत है। वियतनाम के राष्ट्रपति बनने के बाद इनका उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल और बिजनेस लीडर्स के साथ आना ये दर्शाता है कि वो हमें कितनी प्राथमिकता देते हैं।
बोधगया से दोनों देशों के साझा संबंधों पर प्रकाश डालते हुए आगे कहा कि इन्होंने भारत की यात्रा की शुरूआत बोधगया से की थी। यह हमारे दोनों देशों की आध्यात्मिक परंपराओं को दर्शाता है। हम अपने संबंधों को ठोस परिणामों में बदल रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, “हमारी साझा विरासत को जीवंत रखने के लिए, हम वियतनाम के प्राचीन चम्पा सभ्यता के मी सॉन और न्हान टवर मंदिरों का जीर्णोद्धार कर रहे हैं। अब हम चम्पा सभ्यता की पांडुलिपियों को भी डिजिटिलाइज करेंगे, और इस अमूल्य धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करेंगे।”
प्रधानमंत्री मोदी ने मजबूत होते ट्रेड संबंधों का भी जिक्र किया।उन्होंने कहा, “हर क्षेत्र में हमारा सहयोग नए स्तर तक पहुंचेगा। भारत और वियतनाम का द्विपक्षीय व्यापार पिछले 1 दशक में दोगुना होकर 16 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है।
दोनों देशों के बीच कई अहम क्षेत्रों में बनी सहमति को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “हमारी ड्रग अथॉरिटिज के बीच एमओयू से अब भारत की दवाइयों का वियतनाम में एक्सेस बढ़ेगा। भारत के कृषि, मत्स्य और पशु उत्पाद का भी, वियतनाम तक निर्यात और सुगम होने जा रहा है।”
एक्ट ईस्ट पॉलिसी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा,” वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और विज़न महासागर का एक मुख्य स्तंभ है।
