रूबियो ने यह बयान बुधवार को फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित आसियान देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान दिया।
उन्होंने कहा, “अभी हमारी सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे बातचीत को लेकर गंभीर नहीं हैं। अगर वे संजीदा होंगे, तो हम भी होंगे। अगर नहीं, तो हम अपने और अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए जो आवश्यक होगा, वह करेंगे।”
होर्मुज पर हुकूमत को लेकर भी रूबियो ने विचार रखे। उन्होंने कहा, “उनका (ईरान) ये व्यवहार कि होर्मुज पर हम ही काबिज रहेंगे गलत उदाहरण पेश करता है। उनकी सोच कि हमें टोल दो नहीं तो तुम्हारे जहाज को उड़ा देंगे बेहद खतरनाक है। हो सकता है कि भविष्य में दुनिया के अन्य इलाकों में ऐसी ही चीजों को दोहराया जाए, ये फ्री नेविगेशन के लिए जरूरी है।”
रूबियो के अनुसार, ईरान की स्थिति फिलहाल ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, “ईरान इस समय काफी मुश्किल स्थिति में है। अमेरिका-इजरायल के साथ हुए संघर्ष में ईरान की अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है।”
बाद में, अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की संख्या को लेकर पूछे गए सवाल पर रूबियो ने कहा कि किसी भी संघर्ष क्षेत्र में जाने पर खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा, “जब भी आप किसी युद्ध क्षेत्र में होते हैं, तो उससे जुड़े खतरे होते हैं।”
तेहरान की जवाबी हमला की क्षमता पर कहा कि मौजूदा स्थिति इस बात को साबित करती है कि पिछले 20 वर्षों में ईरान ने अपने संसाधनों का निवेश इसी दिशा में किया है।
उन्होंने कहा, “यह वास्तव में इस बात को साबित करता है कि ईरान पिछले 20 वर्षों से अपने पैसे का इस्तेमाल इसी उद्देश्य के लिए करता रहा है।”
