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Tuesday, November 3, 2026
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15 साल से कम बच्चों पर सोशल मीडिया बैन

फ्रांस का बड़ा फैसला

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फ्रांस यूरोपियन यूनियन का पहला देश बन गया है जिसने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्त रोक लगाई है। फ्रांस की पार्लियामेंट ने बच्चों पर बहुत ज़्यादा ऑनलाइन एक्टिविटी के बुरे असर को रोकने के लिए एक अहम कानून पास किया है। प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों के सपोर्ट वाले इस कानून के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट खोलने पर रोक लगेगी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को यूज़र्स की उम्र वेरिफाई करनी होगी।

फ्रांस की सीनेट ने मंगलवार को इस कानून को मंज़ूरी दे दी। इसके बाद नेशनल असेंबली ने 279 के मुकाबले 81 वोटों से कानून पास कर दिया। इससे फ्रांस दुनिया के उन कुछ देशों में से एक बन गया है जो बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर इतनी सख्त रोक लगाते हैं।

संसद से मंज़ूरी मिलने के बाद, प्रेसिडेंट मैक्रों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह ऑनलाइन दुनिया में बच्चों और टीनएजर्स की सुरक्षा की दिशा में एक ज़रूरी कदम है। वोटिंग के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा, “जब बच्चों और टीनएजर्स की सुरक्षा की बात आती है तो फ्रांस यूरोप में लीडर है।” मैक्रों चाहते हैं कि यह कानून 1 सितंबर से लागू हो जाए, ताकि फ्रांस में नए स्कूल साल की शुरुआत में यह लागू हो सके। कानून के मुताबिक, 15 साल से कम उम्र के बच्चे सितंबर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नए अकाउंट नहीं खोल पाएंगे। साथ ही, 15 साल से कम उम्र के यूज़र्स के मौजूदा अकाउंट जनवरी 2027 से बंद कर दिए जाएंगे।

यूरोपियन कमीशन यह वेरिफाई करेगा कि यह कानून यूरोपियन यूनियन के डिजिटल सर्विसेज एक्ट के साथ कम्पैटिबल है या नहीं। फ्रांस की डिजिटल मिनिस्टर ऐनी ले हावरे ने कहा कि कानून को तय समय पर लागू किया जा सकता है क्योंकि उम्र वेरिफिकेशन के लिए ज़रूरी टेक्नोलॉजी पहले से ही मौजूद है। इसके अलावा, कुछ और टेक्निकल टूल्स भी डेवलप किए जा रहे हैं।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कानून को लागू करने की ज़िम्मेदारी सोशल मीडिया कंपनियों की होगी और यूज़र्स के पर्सनल डेटा की सिक्योरिटी बनाए रखी जाएगी। कानून में एजुकेशनल वेबसाइट, ऑनलाइन इनसाइक्लोपीडिया और साइंटिफिक प्लेटफॉर्म को छूट दी गई है। कानून में बच्चों या उनके माता-पिता के लिए किसी सज़ा का भी कोई प्रावधान नहीं है।

यह कानून युवाओं पर सोशल मीडिया के असर को ध्यान में रखकर लाया गया है। फ्रांस की पब्लिक हेल्थ वॉचडॉग ने पिछले साल चेतावनी दी थी कि TikTok, Snapchat और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म का टीनएजर्स, खासकर लड़कियों पर बुरा असर पड़ रहा है। ऑर्गनाइज़ेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 12 से 17 साल के लगभग 90 परसेंट बच्चे इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए हर दिन स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं। साथ ही, हर दो में से एक टीनएजर हर दिन अपने स्मार्टफोन पर दो से पांच घंटे बिताता है।

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