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Tuesday, November 3, 2026
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वंदे मातरम विवाद में साजिद रशीदी का बड़ा बयान, बोले नहीं गाएंगे!

कोई व्यक्ति बस गजल गुनगुनाता है और वे रोमांटिक शेर होते हैं। इसलिए उसकी तुलना वंदे मातरम से करना गलत जानकारी पर आधारित है और यह दुर्भाग्यपूर्ण, खेदजनक और आपत्तिजनक है।

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‘वंदे मातरम’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है। गीतांजलि ने सवाल उठाया था कि लोग कह रहे हैं कि वंदे मातरम के बाद के छंदों में हिंदू देवताओं का जिक्र है, तो दूसरे धर्मों के लोग इसे कैसे गा सकते हैं? तो क्या अगर कोई हिंदू सूफी कविता गाएगा तो उसका धर्म भ्रष्ट हो जाएगा। उनके इस बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मौलाना साजिद रशीदी ने गीतांजलि अंगमो के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा, “मैं उन लोगों को बताना चाहता हूं जिन्हें जानकारी नहीं है कि गजलों में रोमांटिक शेर होते हैं। उनमें किसी की पूजा या वंदना नहीं होती।

कोई व्यक्ति बस गजल गुनगुनाता है और वे रोमांटिक शेर होते हैं। इसलिए उसकी तुलना वंदे मातरम से करना गलत जानकारी पर आधारित है और यह दुर्भाग्यपूर्ण, खेदजनक और आपत्तिजनक है। आप रोमांटिक शेरों की तुलना देवी-देवताओं की पूजा से कर रहे हैं।”

मौलाना रशीदी ने कहा कि मुसलमान इसे नहीं गा सकते क्योंकि यह उनके धर्म के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “अगर सोनम वांगचुक की पत्नी ही नहीं बल्कि देश के राष्ट्रपति भी कहें कि मुसलमानों को इसे गाना चाहिए, तो भी हम इसे नहीं गाएंगे क्योंकि यह हमारे धर्म के खिलाफ है। देश का संविधान हमें यह इजाजत देता है कि अगर कोई चीज आपके धर्म के खिलाफ है, तो उसे गाना है या नहीं, यह आपकी अपनी मर्जी है।”

वहीं, इस मामले पर आम आदमी पार्टी की नेता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि अब यह कानून बन चुका है और सभी को इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा, “आप भारत के नागरिक हैं, भारत के नागरिक होने के नाते आपका फर्ज बनता है कि भारत के कानूनों का पालन किया जाए। मुझे लगता है कि विवाद यहीं खत्म होना चाहिए और सभी भारतीयों में राष्ट्रगान और अपने राष्ट्रगीत के लिए सम्मान होना चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने गीतांजलि अंगमो के तर्क का समर्थन करते हुए कहा कि वंदे मातरम में मां दुर्गा का जिक्र साहस और दुश्मनों के संहार के प्रतीक के तौर पर है। उन्होंने कहा, “सोनम वांगचुक की पत्नी का यह कहना सही है कि वंदे मातरम एक हिंदू देवी का नाम है लेकिन यह भी सोचना होगा कि उनका नाम किस परिप्रेक्ष्य में आता है।

जब मां दुर्गा का नाम आता है तो साहस को लेकर आता है, दुश्मनों का संहार को लेकर मां दुर्गा का जिक्र है। ये देखने के बजाय कि हिंदू देवी देवताओं का जिक्र है, यह देखना चाहिए उसके पीछे का प्रयोजन क्या है। वंदे मातरम गाने में क्या दिक्कत है? इस गाने ने देश को आजादी दिलाई। आज कांग्रेस और मुस्लिम लीग उसी गाने से भाग रहे हैं। यह सही नहीं है।”
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