पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती है लेकिन कमलेश बिंद ने कुछ अपराध किया था तो उसकी सजा कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से होनी चाहिए। यह कानून तय करे कि कितनी बड़ी सजा होगी क्योंकि विनीत राय हत्याकांड में कमलेश बिंद कहीं से भी मुख्य आरोपी नहीं था। उन्होंने कहा कि गाजीपुर पुलिस की कार्रवाई से मैं असंतुष्ट हूं।
उन्होंने गाजीपुर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि एनकाउंटर किन परिस्थितियों में किया गया, पीड़ित परिवार के बयान के आधार पर जांच होनी चाहिए, मृतक के शव को लेकर जाते वक्त पर्याप्त पुलिस बल क्यों नहीं लगाया गया। पुलिस का बयान है कि सबके ऊपर रासुका लगाया जाएगा। यह कितना बड़ा दहशत फैलाने का मामला है? मैं सामाजिक नेता हूं और ऐसे में सबसे पहले मेरे ऊपर रासुका लगाएं।
संजय निषाद ने कहा कि जरूरत पड़ी तो गाजीपुर एसपी के खिलाफ मुझे कोर्ट जाना पड़ेगा। मैं फर्जी मुकदमे और पुलिस प्रताड़ना का भुक्तभोगी हूं। 7 जून 2015 को कसरवल आंदोलन के दौरान समाजवादी पार्टी की सरकार की ओर से मासूम और निहत्थों पर गोली चलाई गई थी। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी का एनकाउंटर क्यों नहीं किया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? समाज के साथ मैं पहले भी था, आज भी हूं और कल भी खड़ा रहूंगा।
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