ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में एक और US अंडरवाटर ड्रोन पकड़ा है। IRGC के मुताबिक, यह जासूसी के मकसद से होर्मुज स्ट्रेट में काम करने वाला एक अमेरिकन रेमस 600 ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल था। ईरानी सरकारी मीडिया ने भी ड्रोन का फुटेज जारी किया है।
JUST IN: 🇮🇷🇺🇸 Video shows underwater US drone captured by Iran in the Strait of Hormuz. pic.twitter.com/ICOp6tazlp
— BRICS News (@BRICSinfo) September 27, 2026
IRGC ने कहा कि, इस ऑपरेशन में इंटेलिजेंस सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर इक्विपमेंट का इस्तेमाल किया गया था। ईरानी नेवी के मुताबिक, ड्रोन अब उसके एक्सपर्ट्स के पास है और उससे डेटा हासिल करने की कोशिशें चल रही हैं। होर्मुज स्ट्रेट को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करते हुए, IRGC ने कहा कि वहां खतरनाक गतिविधियों और बिना इजाज़त के मूवमेंट के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
एक महीने में दूसरी बार US ड्रोन पकड़ा
इस महीने यह दूसरी बार है जब ईरान ने US अंडरवाटर ड्रोन पकड़ने का दावा किया है। इससे पहले, 8 सितंबर को ईरान ने एक और US ड्रोन पर कब्ज़ा करने का दावा किया था। ईरान की सरकारी मीडिया ने ड्रोन की पहचान ‘डाइव-LD’ के तौर पर की थी। इस ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल को कैलिफ़ोर्निया की डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी ‘एंडुरिल इंडस्ट्रीज’ ने बनाया था। IRGC ने ड्रोन को US के सबसे एडवांस्ड अंडरवाटर सिस्टम में से एक बताया है और इसके पकड़े जाने को एक बड़ी कामयाबी बताया है। हालांकि, US ने ईरान के दावे और घटना की अहमियत को खारिज कर दिया है।
US ने पहले क्या कहा है?
8 सितंबर की घटना के बारे में पेंटागन के एक प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के कब्ज़े से एक दिन पहले अंडरवाटर ड्रोन में खराबी आ गई थी। US के मुताबिक, यह ड्रोन इलाके के पानी पर नज़र रखने के लिए चल रहे US मिशन का हिस्सा था। पेंटागन ने यह भी कहा कि, यह एक पुराना ‘डाइव-LD’ मॉडल था और इसमें कोई सेंसिटिव डेटा या क्लासिफाइड सोनार या रडार इक्विपमेंट नहीं था। दूसरे ड्रोन के बारे में ईरान के नए दावे ने होर्मुज स्ट्रेट में US और ईरान के बीच तनाव और बढ़ा दिया है।
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