देवभूमि उत्तराखंड के उत्तरकाशी में मौसम की मार से हालात गंभीर बने हुए हैं. भारी बर्फबारी और लगातार बारिश की वजह से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में देश-विदेश के कई पर्वतारोही और पर्यटक फंस गए हैं. इनमें जिले के अलग-अलग उच्च हिमालयी इलाकों में कुल 136 पर्वतारोही, ट्रैकर और सहयोगी स्टाफ मौजूद हैं.
#WATCH | Uttarkashi, Uttarakhand: The rescue operation is underway in the Woodencall area along the Kalindi Trek in Uttarkashi district. An expert high-altitude rescue team of the SDRF from Sahastradhara has reached Harsil by helicopter to assist in the operation.
So far, five… pic.twitter.com/5uhjO15dnL
— ANI (@ANI) September 28, 2026
इनमें हाई अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन के तहत 89 मेंबर, कालिंदी पास बेस कैंप पर ट्रैकिंग श्रेणी के 18 सदस्य और ऑडिन कोल पास बेस कैंप पर 29 सदस्य भी शामिल हैं. इन सभी इलाकों में भारी बर्फबारी की वजह से रास्ते पूरी तरह बंद हो गए हैं. जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत आर्य के कड़े निर्देशों के बाद जिला प्रशासन, वन विभाग, SDRF, पुलिस और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की संयुक्त टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं ताकि सभी पर्यटकों और पोर्टर्स को सुरक्षित नीचे लाया जा सके.
प्रशासन इन ट्रैकिंग रूटों पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटा है. इसके साथ ही उनके ठहरने, खाने और प्राथमिक उपचार के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क के कर्मचारियों की मदद से भोजवासा और चीड़बासा में फंसे ज्यादातर पर्यटकों को पहले ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. जिला मजिस्ट्रेट खुद कंट्रोल रूम से पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और पल-पल का अपडेट ले रहे हैं.
प्रशासन ने बताया है कि, इन सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है. खराब मौसम के बीच हेलीकॉप्टर ऑपरेशन चलाकर इन पर्वतारोहियों और ट्रैकर्स का रेस्क्यू किया जाएगा. स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वो खराब मौसम के दौरान पर्वतीय और जोखिम भरे रास्तों पर जाने से पूरी तरह बचें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें.
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