शर्मनाक! शराब के नशें में विधानसभा में भाषण करतें दिखें मुख्यमंत्री भगवंत मान ?

विपक्ष ने की अल्कोहल टेस्ट की मांग

शर्मनाक! शराब के नशें में विधानसभा में भाषण करतें दिखें मुख्यमंत्री भगवंत मान ?

Shameful! Was Chief Minister Bhagwant Mann seen delivering a speech in the Assembly under the influence of alcohol?

पंजाब में विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर नशे की हालत में विधानसभा में आने का आरोप लगाया है। इससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है और इससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। आरोप है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशे की हालत में विधानसभा को संबोधित किया। कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने एकजुट होकर उनके खिलाफ जांच की मांग की है। बता दें की, पंजाब के मुख्यमंत्री लंबे समय से अपने शराब की लत से पीड़ित थे। उन्होंने कई जनसभाओं, रैलियों और इंटरव्यू में इस लत को छोड़ने के दावे किए है।

दौरान मजदूर दिवस के विशेष सत्र के दौरान पंजाब विधानसभा में तनाव का माहौल बन गया,विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर शराब के नशे में सदन में मौजूद रहने का आरोप लगाया। एक कांग्रेस विधायक के इस दावे के बाद विवाद और बढ़ गया। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सभी विधायकों की अल्कोहल मीटर से जांच कराने की मांग कर मुद्दे को और तीखा कर दिया। बाजवा ने इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा कि जांच के दायरे में सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों के सभी विधायक शामिल होने चाहिए।

शिरोमणि अकाली दल ने भी विधानसभा के वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए और कड़ा हमला बोला। पार्टी ने कहा कि मजदूर दिवस के दिन नशे की हालत में विधानसभा में आना अत्यंत शर्मनाक है। पार्टी ने जनता से मुख्यमंत्री के व्यवहार पर ध्यान देने की अपील की और कड़े शब्दों में इसकी निंदा की। साथ ही, सच्चाई सामने लाने के लिए भगवंत मान की सार्वजनिक डोप टेस्ट कराने की मांग भी की।

इस बीच, आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी मुख्यमंत्री की अल्कोहल जांच कराने और दोषी पाए जाने पर उन्हें पद से हटाने की मांग की। स्वाति मालीवाल ने एक्स पर लिखा, “आज फिर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान लोकतंत्र के मंदिर, पंजाब विधानसभा में नशे की हालत में पहुंचे हैं। यह व्यक्ति शराब पीकर गुरुद्वारा साहिब जाता है, शराब पीकर मंदिर जाता है, शराब पीकर लोकसभा में आता था, शराब पीकर सरकारी बैठकों में जाता है, और विदेश में इतनी शराब पी कि उसे विमान से उतारना पड़ा।”

उन्होंने आगे कहा कि चुनाव से पहले उन्होंने अपनी मां के सिर पर हाथ रखकर वादा किया था कि वह कभी शराब नहीं पिएंगे। पंजाब जैसे संवेदनशील सीमावर्ती राज्य का मुख्यमंत्री हमेशा नशे में रहता है और उसी हालत में फाइलों पर हस्ताक्षर करता है। यह बेहद शर्मनाक है। जो व्यक्ति केवल सोते समय ही शराब छोड़ता है, वह पंजाब का शासन कैसे चला सकता है? उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अल्कोहल जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर उन्हें पद से बर्खास्त किया जाए।

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