“शशि थरूर ने माना कांग्रेस महिला विरोधी” किरण रिजिजू का दावा

महिला आरक्षण विधेयक पर सियासत

“शशि थरूर ने माना कांग्रेस महिला विरोधी” किरण रिजिजू का दावा

"Shashi Tharoor admits Congress is anti-women," claims Kiren Rijiju

महिला आरक्षण विधेयक को लेकर संसद में गतिरोध के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी जारी है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि पार्टी सांसद शशि थरूर ने ‘एक तरह से स्वीकार’ किया है कि कांग्रेस महिला विरोधी है। यह दावा उन्होंने एक निजी बातचीत के हवाले से किया है।

ANI को दिए इंटरव्यू में रिजिजू ने कहा कि संसद सत्र समाप्त होने के बाद उनकी और थरूर की बातचीत हुई थी। उनके अनुसार, शशि थरूर ने कहा था, “कांग्रेस पार्टी भले ही महिला विरोधी हो, लेकिन कोई भी महिला शशि थरूर को महिला विरोधी नहीं मानेगी।” इस पर रिजिजू ने जवाब दिया कि व्यक्तिगत रूप से थरूर को महिला विरोधी नहीं कहा जा सकता, लेकिन उनकी पार्टी पर ऐसे आरोप हैं।

रिजिजू ने इस टिप्पणी को कांग्रेस के रुख की “अप्रत्यक्ष स्वीकृति” बताते हुए कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी की नीति महिलाओं के हित में नहीं है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक और संवैधानिक संशोधनों का विरोध कर महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया। यह विधेयक लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका।

प्रस्तावित संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के तहत लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 816 करने का प्रावधान था, ताकि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया जा सके। इसके साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव था।

वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि महिला आरक्षण बिना सीटों की संख्या बढ़ाए भी लागू किया जा सकता है। उनका आरोप है कि परिसीमन (delimitation) के जरिए चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश की जा रही है, जिससे कुछ राज्यों को नुकसान हो सकता है, खासकर दक्षिण भारत के वे राज्य जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है।

रिजिजू ने कहा कि यह मुद्दा राजनीति से ऊपर है और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का है। उन्होंने कहा, “यह नहीं देखना चाहिए कि कौन किसके पक्ष में है, बल्कि यह देखना चाहिए कि महिलाओं को उनका अधिकार मिल रहा है या नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि कोई भी दल इस विधेयक का विरोध करेगा। “कौन सोच सकता था कि कांग्रेस, टीएमसी और एसपी जैसे दल इसके खिलाफ वोट करेंगे?” उन्होंने सवाल उठाया।

पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए रिजिजू ने दावा किया कि राज्य में भाजपा का प्रभाव बढ़ रहा है और लोग बदलाव चाहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। इसके अलावा, उन्होंने आम आदमी पार्टी पर भी आरोप लगाए और कहा कि अरविंद केजरीवाल ने पार्टी को निजी संगठन ना दिया है, जिसके कारण कई नेता पार्टी छोड़ चुके हैं।

महिला आरक्षण विधेयक को लेकर यह विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। जहां सत्तारूढ़ दल विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों के विरोध का आरोप लगा रहा है, वहीं विपक्ष सरकार की मंशा और विधेयक की संरचना पर सवाल उठा रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का प्रमुख केंद्र बना रह सकता है।

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