दिल्ली में 70 लाख पौधारोपण, हरियाली-विकास मॉडल बोलीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता!

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति में प्रकृति को कभी सिर्फ संसाधन नहीं माना गया। हमारी परंपरा नदियों को मां, धरती को माता, पर्वतों को देवतुल्य और पेड़ों को पूजनीय मानती है।

दिल्ली में 70 लाख पौधारोपण, हरियाली-विकास मॉडल बोलीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता!

7-million-saplings-planted-in-Delhi-Chief-Minister-speaks-of-a-Greenery-Development-Model-Rekha-Gupta

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली में मिशन 70 लाख पौधारोपण का शुभारंभ किया। इस मौके पर कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया। कार्यक्रम में मौजूद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘इको रेस्टोरेशन मेगा प्लांटेशन प्रोग्राम ड्राइव 2026’ केवल पौधे लगाने का अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति को उसका सम्मान लौटाने और उन स्थानों को फिर से हराभरा बनाने का संकल्प है, जहां समय के साथ हरियाली खत्म हो गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति में प्रकृति को कभी सिर्फ संसाधन नहीं माना गया। हमारी परंपरा नदियों को मां, धरती को माता, पर्वतों को देवतुल्य और पेड़ों को पूजनीय मानती है। उन्होंने कहा कि हमारे संस्कार हमें सिखाते हैं कि प्रकृति से कुछ लेने से पहले उसका सम्मान करना जरूरी है।

रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार का स्पष्ट विश्वास है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली को ऐसा शहर बनाया जाएगा जहां चौड़ी सड़कें भी होंगी, स्वच्छ हवा भी होगी, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी होगा और घने जंगल भी। आर्थिक प्रगति के साथ-साथ पर्यावरण का संतुलन भी पूरी तरह बनाए रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में अब ग्रीन कवर बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने अपने कुल बजट का 22 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन बजट के लिए निर्धारित किया है।

उन्होंने कहा कि गुजरात के ऑक्सीजन पार्क मॉडल को अब दिल्ली में भी लागू किया जाएगा। इसके तहत राजधानी में 100 ऑक्सीजन पार्क विकसित करने का फैसला लिया गया है, जिनमें से 18 पार्कों पर काम शुरू हो चुका है।

रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में अब हर पेड़ की ऑनलाइन ट्रैकिंग और टैगिंग की जा रही है, ताकि केवल पौधे लगाए ही न जाएं, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने परिवहन क्षेत्र को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जीरो एमिशन लक्ष्य के तहत 2026 के अंत तक दिल्ली की सड़कों पर 7 हजार इलेक्ट्रिक (ईवी) बसें उतारी जाएंगी। वहीं, 2028 तक 14 हजार ईवी बसें दिल्लीवासियों को समर्पित कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राजधानी को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त शहर बनाना है।

यह भी पढ़ें-

रक्षा और समुद्री सुरक्षा के लिए स्वदेशी रियल टाइम एआई प्लेटफॉर्म!

Exit mobile version