अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को “डेड इकॉनमी” (मृत अर्थव्यवस्था) कहे जाने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। थरूर ने ट्रंप की तुलना स्कूल के गुंडे से करते हुए कहा कि अमेरिका ने गलत देश को निशाना बनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत की आत्म-सम्मान की कोई सौदेबाजी नहीं की जा सकती।
थरूर ने कहा, “यह बिल्कुल गलत है कि ट्रंप इस तरह से भारत से बात करें। चाहे भारत में कोई भी सरकार हो, कोई भी पार्टी सत्ता में हो, हमारे आत्म-सम्मान की कीमत पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। हां, जहां तक मुद्दे की बात है, हमें शांत दिमाग से, ठंडे रवैये से अगले तीन हफ्तों में बातचीत करनी चाहिए और अमेरिका को समझाना चाहिए कि हमारी कुछ सीमाएं क्यों हैं। हमारे देश की 70 करोड़ आबादी कृषि पर निर्भर है। हम उन्हें सस्ते अमेरिकी अनाज से बर्बाद नहीं कर सकते।”
उन्होंने याद दिलाया कि ट्रंप के पहले कार्यकाल में भी भारत ने कुछ मामलों में लचीलापन दिखाया था, जैसे हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों पर आयात शुल्क में छूट देना। थरूर के अनुसार, यह रियायत भारत की आम जनता को प्रभावित नहीं करती थी, क्योंकि इतनी महंगी बाइक बहुत सीमित वर्ग के लोग ही खरीद सकते हैं।
थरूर के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अमेरिका के किसी भी दबाव में अपने बुनियादी हितों की बलि नहीं देगा। उनका यह संदेश केवल डोनाल्ड ट्रंप को ही नहीं, बल्कि दुनिया को यह दिखाने के लिए था कि भारत की नीतियां उसकी जनता के हितों पर आधारित हैं, न कि किसी वैश्विक ताकत के डर से।
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