मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार (8 अगस्त)को काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह के समापन अवसर पर देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और वर्तमान पीढ़ी से राष्ट्रभक्ति और स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “स्वदेशी हमारे जीवन का ध्येय और मंत्र बने। हम जिएंगे स्वदेशी के लिए और मरेंगे देश के लिए।” सीएम योगी ने कहा कि जब भारत इस राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ आगे बढ़ेगा, तब दुनिया की कोई ताकत उसका बाल भी बांका नहीं कर सकेगी।
योगी ने काकोरी कांड की ऐतिहासिक घटना को याद करते हुए कहा कि 9 अगस्त 1925 को जिन क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश खजाने पर धावा बोलकर उसे आज़ादी की लड़ाई के लिए इस्तेमाल किया, उनका बलिदान ही 1947 की स्वतंत्रता का आधार बना। उन्होंने बताया कि उस समय केवल 4,600 रुपए लूटे गए थे, लेकिन ब्रिटिश सरकार ने उन्हें पकड़ने के लिए 10 लाख रुपए से अधिक खर्च किए। राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह और राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को बिना मुकदमा चलाए फांसी दे दी गई। चंद्रशेखर आज़ाद ने अंत तक ब्रिटिशों का सामना किया और वीरगति को प्राप्त हुए। योगी ने कहा कि काकोरी की यह घटना आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है और हर भारतवासी को उन क्रांतिकारियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आजादी के अमृत महोत्सव को सार्थक बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को दोहराते हुए कहा कि हर घर पर तिरंगा फहराया जाए, गांव-नगर के प्रत्येक वार्ड में तिरंगा यात्रा निकाली जाए और देश की एकता का संदेश फैलाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि हम इस संकल्प के साथ आगे बढ़ते हैं, तो यह महोत्सव हर भारतवासी को फिर से देश से जोड़ने में सफल सिद्ध होगा।
सीएम योगी ने देशवासियों से विदेशी वस्तुओं की बजाय स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि जब हम विदेशी सामान खरीदते हैं, तो केवल धन नहीं गंवाते, बल्कि वह पैसा आतंकवाद और उग्रवाद को भी पोषित करता है। उन्होंने रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, दशहरा, दीपावली और छठ जैसे आगामी त्योहारों में केवल स्वदेशी उपहार देने और खरीदने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी वस्तुएं थोड़ी महंगी हो सकती हैं, लेकिन उनका लाभ देश के कारीगरों और विकास को होता है। उन्होंने 2 अक्टूबर को गांधी आश्रम जाकर खादी खरीदने का भी संकल्प लेने की अपील की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने काकोरी ट्रेन एक्शन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, पीपल का पौधा रोपा, छोटी बच्चियों से राखी बंधवाई, उन्हें मिठाई व चॉकलेट उपहार में दी। उन्होंने म्यूजियम में जाकर सेल्फी ली, फोटोशूट कराया और शहीद सैनिकों के परिजनों को मंच पर सम्मानित किया। इस अवसर पर काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया, और संस्कृति विभाग की ओर से घटना पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
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