बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने देश लौटने का इरादा फिर से दोहराया है। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर मौजूदा तारिक रहमान सरकार उन्हें गिरफ्तार भी करती है, मार भी देती है या टॉर्चर भी करती है, तो भी वह दिसंबर में बांग्लादेश लौट आएंगी।
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि बांग्लादेश लौटना उनकी ज़िम्मेदारी है और इसमें आने वाले खतरे उन्हें रोक नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा, ‘मैं दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी। मुझे डर नहीं है। मुझे पता है कि वे मुझे मार सकते हैं, गिरफ्तार कर सकते हैं और टॉर्चर कर सकते हैं… लेकिन वहां जाना मेरी ज़िम्मेदारी है।’ हालांकि, उन्होंने भारत लौटने की कोई तारीख नहीं बताई।
हसीना ने आगे कहा, ‘चाहे कितना भी खतरनाक क्यों न हो, मुझे कोई परवाह नहीं है। मुझे वापस जाना है।’ शेख हसीना के बेटे, साजिब वाजेद जॉय ने बाद में रिपोर्टर्स को बताया कि अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है और समय आने पर इसकी घोषणा की जाएगी।
भारत को हसीना का धन्यवाद पत्र
आवामी लीग की लीडर शेख हसीना सत्ता से हटने के बाद से भारत में रह रही हैं। उन्होंने राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान उन्हें पनाह देने और स्वीकार करने के लिए भारत सरकार और लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘भारत सरकार और सभी पार्टियों के लोगों का धन्यवाद, उन्होंने मुझे वैसे ही स्वीकार किया जैसे उन्होंने 1975 में किया था।’ उन्होंने याद किया कि कैसे वह और उनकी बहन अपने परिवार के कई सदस्यों पर हुई हत्या की कोशिश से बच निकली थीं।
वापस लौटने का वादा
शेख हसीना ने अपने राजनीतिक करियर के कई पुराने किस्से भी सुनाए, जिसमें वह समय भी शामिल है जब वह अपनी जान को खतरे के बावजूद बांग्लादेश लौट आई थीं। इनमें 1975 में अपने पिता शेख मुजीबुर रहमान और परिवार के दूसरे सदस्यों की हत्या के बाद कई साल विदेश में बिताने के बाद 1981 में उनकी वापसी और 2007 में पॉलिटिकल इमरजेंसी के दौरान लौटने का उनका फैसला शामिल है, जब उनके खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किए गए थे।
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