केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सिंगूर का नाम सुनते ही टाटा फैक्ट्री आंदोलन याद आता है, जिसके सहारे ममता बनर्जी सत्ता तक पहुंचीं, लेकिन आज सिंगूर की हालत देखकर मैं हैरान रह गया। न वहां फैक्ट्री बनी, न जमीन खेती के लायक छोड़ी गई। जमीन के नीचे सीमेंट-कंक्रीट भरा पड़ा है और उसे हटाने का कोई प्रयास नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि दस साल बीत गए, लेकिन किसान आज भी वहीं खड़ा है। न खेती कर पा रहा है, न कोई उद्योग लगा। किसानों की आंखों में आंसू हैं, वो कह रहे हैं, हम तो कहीं के नहीं रहे। यह स्थिति ममता सरकार की नाकामी का जीता-जागता प्रमाण है। सिंगूर आज ममता बनर्जी की विफलता का स्मारक बन चुका है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फैक्ट्री लगने नहीं दी गई और खेती भी नहीं होने दी गई। किसान को बीच मंझधार में छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि यह किसानों के साथ विश्वासघात है। केवल सत्ता पाने के लिए किसानों की भावनाओं से खिलवाड़ किया गया और बाद में उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब आलू के दाम गिरते हैं तो केंद्र सरकार के पास पीएसएस, मार्केट इंटरवेंशन स्कीम और भावांतर भुगतान जैसी योजनाएं हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने आज तक इन योजनाओं के तहत कोई प्रस्ताव ही नहीं भेजा।
उन्होंने कहा कि मैंने खुद अधिकारियों से फोन करवाया, लेकिन जवाब मिला कि चुनाव में व्यस्त हैं। क्या किसानों से ज्यादा जरूरी चुनाव है? अगर राज्य सरकार मांग करती तो केंद्र सरकार तुरंत अनुमति देती और किसानों को राहत मिलती। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इतना ही नहीं, बंगाल सरकार ने किसानों को दूसरे राज्यों में आलू बेचने से भी रोक दिया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बंगाल की धरती मेहनतकश किसानों की धरती है, यहां का किसान दिन-रात खून-पसीना बहाकर फसल उगाता है। पानी से नहीं, अपने खून से खेतों को सींचता है, तब जाकर अन्न पैदा होता है, लेकिन आज वही किसान अपनी मेहनत का उचित मूल्य नहीं पा रहा, ये बेहद दुखद और शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि इस साल आलू की फसल बहुत अच्छी हुई, किसान ने कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन टीएमसी सरकार के निकम्मेपन और ममता दीदी की उदासीनता के कारण आज किसान का आलू माटी के मोल बिक रहा है। उन्होंने कहा कि 100 रुपए में 50 किलो आलू बिक रहा है, ये किसान के साथ क्रूर मजाक नहीं तो क्या है? किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही सिंगूर को एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब बनाया जाएगा। यहां कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे, नई तकनीक लाई जाएगी, और किसानों की उपज का वैल्यू एडिशन किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की सेवा को भगवान की पूजा मानती है। राज्य सरकार प्रस्ताव भेजे तो एक-एक आलू की खरीदी की अनुमति दी जाएगी। वहीं, शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि टीएमसी की यह अंधेरी रात ज्यादा दिन नहीं चलेगी।
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