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Friday, October 9, 2026
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श्याम रजक बोले, तेजस्वी का छात्र नेतृत्व चमकाने का प्रयास सिर्फ ढकोसला! 

रजक ने कहा, "छात्रों के आंदोलन से हमको समझ में नहीं आ रहा है, जब वार्ता के लिए बुलाया जाता है तो कुछ लोग खलल डालते हैं।

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जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने बिहार छात्र आंदोलन को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा समर्थन दिए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। श्याम रजक ने कहा कि तेजस्वी यादव अपना नेतृत्व का ढकोसला दिखाने का काम कर रहे हैं। वो छात्र नेता किसी दल और किसी नेता के अधीन नहीं हैं।

उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि छात्र आंदोलन के आंदोलनकारियों से वार्ता करने के लिए, उनके सवालों का हल निकालने के लिए बिहार सरकार ने कई फैसले लिए हैं और उन फैसलों को लागू भी कराने का काम किया जा रहा है।

रजक ने कहा, “छात्रों के आंदोलन से हमको समझ में नहीं आ रहा है, जब वार्ता के लिए बुलाया जाता है तो कुछ लोग खलल डालते हैं। इसको राजनीतिकरण करके और छात्रों के भविष्य को अंधकार में करना चाहते हैं। कुछ नेता अपना नेतृत्व को चमका रहे हैं, जबकि सरकार दल विहीन छात्रों के साथ बात करके उनकी समस्याओं का हल करना चाहती है।

हल करने के लिए कई योजनाएं भी बनाई हैं। छात्रों को चाहिए कि अगर उसमें किसी प्रकार की त्रुटि है तो वह संवाद करें। संवाद नहीं करेंगे, अगर संवाद नहीं होगा तो समस्या का हल नहीं होगा।”

यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर पूछे गए सवाल पर श्याम रजक ने कहा कि उनकी पार्टी का रुख पहले से स्पष्ट है। उन्होंने कहा, “यूसीसी का संसद में सब लोगों ने समर्थन किया था लेकिन हमारे नेता नीतीश कुमार ने साफ कहा था कि बिहार में इसे लागू नहीं करेंगे। अब बिहार में यह लागू हो भी नहीं रहा, अब दूसरी जगह लागू हो रहा है, तो वहां के लोग जानें, हम इसको यहां लागू नहीं करेंगे।”

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा हिजाब पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का विरोध किए जाने पर भी श्याम रजक ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “इस तरह के निर्णय देना यह सीधा-सीधा भारत के संविधान के प्रेम्बल पर खतरा है। प्रेम्बल में धार्मिक स्वतंत्रता, सामाजिक स्वतंत्रता, आर्थिक स्वतंत्रता, शैक्षणिक स्वतंत्रता और समतामूलक समाज की स्थापना की बात है, यह हमारा प्रेम्बल है।”

अमेरिका में एक मेयर द्वारा आरएसएस के कार्यक्रम पर आपत्ति जताए जाने के सवाल पर जदयू नेता ने कहा, “हमारे यहां सर्व धर्म समभाव है, सभी धर्म के लोगों की स्वतंत्रता है। उनके यहां क्या है, मैं नहीं जानता हूं।

अगर वह कानूनन रोकते हैं तो वह बताएंगे कि कानून के किस पद से यह गलत रैली हो रहा था। फिर रैली हो रहा था तो फिर आदेश कैसे मिल गया? अगर रैली आदेश लेकर के किया गया है, उसको रोकना यह अपने आप में अच्छी बात नहीं होगी।”

उन्होंने कहा, “हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का अधिकार है, मोहन भागवत भी गए हैं लेकिन अगर उस राष्ट्र को लगता है कि मेरे राष्ट्र की स्वतंत्रता पर उनका वक्तव्य कहीं से खतरा है तो वह रोक सकते हैं। हम भी रोकते हैं। लेकिन यह सब बातें कहनी चाहिए, लोगों को जाना चाहिए, बात करनी चाहिए।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के देश धर्मशाला नहीं है वाले बयान पर श्याम रजक ने कहा, “देश तो भारतीयों का है, तो भारत के लोग जो नागरिक हैं, उन्हीं को रहने का अधिकार है। हां, वीजा लेकर कुछ दिनों के लिए यहां आकर रह सकते हैं, यह अधिकार है। अगर घुसपैठिए यहां आकर भारतीय नागरिकता ले लें, तो यह सरासर गैर-संवैधानिक है।”

रजक ने कहा, “जहां तक धर्मशाला की बात है तो देश अपना है, देश धर्मशाला नहीं है लेकिन आज कुछ लोग इसको धर्मशाला बना दिए हैं। कुछ लोगों के कारण ये देश धीरे-धीरे धर्मशाला में परिवर्तित होते जा रहा है, जो देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है।”

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