पिछले दो दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर ‘स्वर्णिम युग’ में प्रविष्ट हुआ है। उनके श्री सोमनाथ ट्रस्ट का अध्यक्ष बनने के बाद से सोमनाथ के विकास में एक नया अध्याय शुरू हुआ है।
वर्ष 2026 में महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ पर 1026 में किए गए प्रथम आक्रमण के हजार वर्ष पूर्ण हो गए हैं। आज एक हजार वर्षों के बाद भी सोमनाथ मंदिर पूर्ण गौरव के साथ अडिग खड़ा है। संयोग से 2026 में ही सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने वाले हैं।
शिखर पर 1,666 स्वर्ण कलशों और 14,200 ध्वजाओं के साथ सोमनाथ मंदिर तीन पीढ़ियों की अडिग श्रद्धा, दृढ़ता तथा कलात्मकता के प्रतिबिंब के रूप में खड़ा है। हर वर्ष लाखों लोग इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए आते हैं। वर्ष 2020 से 2024 तक वार्षिक अनुमानित 97 लाख श्रद्धालु सोमनाथ के दर्शन के लिए आए हैं।
सोमनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए लाइट एंड साउंड शो तथा उत्सवों का आकर्षण भी रहा है। पिछले 3 वर्षों में 10 लाख से अधिक लोगों ने सोमनाथ की गाथा का वर्णन करने वाला लाइट एंड साउंड शो को देखा है।
सोमनाथ की यात्रा भक्तों के लिए अधिक सरल तथा आरामदायक बने, इस उद्देश्य से कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। 828 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट ‘जेतपुर-सोमनाथ फोर लेन हाईवे’ के कारण यात्रियों-श्रद्धालुओं को एक्सप्रेसवे की सुविधा मिली है।
वर्ष 2018 में ‘स्वच्छ आइकॉनिक प्लेस’ के रूप में मान्यता प्राप्त करने वाला सोमनाथ आज टिकाऊ विकास तथा नवाचार का उत्तम उदाहरण बना है। वेस्ट सेग्रिगेशन केंद्रों में अब मंदिर के फूलों को वर्मीकंपोस्ट में रूपांतरित कर उसका उपयोग 1,700 बिल्व वृक्षों के संवर्धन में होता है।
62 लाख रुपए की लागत से पुनर्स्थापित किए गए छह वर्षा जल संग्रह कुएं और एक जलाशय हर महीने लगभग 30 लाख लीटर सीवेज जल को शुद्ध करते हैं, जिसका उपयोग वनीकरण के लिए किया जाता है, जबकि 2019-20 में 160 लाख रुपए के निवेश से स्थापित आठ सीवेज शुद्धिकरण प्लांट्स ने कृषि एवं लैंडस्केप सिंचाई के लिए 20.53 करोड़ लीटर पानी फिल्टर किया है।
72,000 वर्ग फीट क्षेत्र में विकसित तथा 7,200 पेड़ों से समृद्ध मियावाकी वन समुद्री तथा क्षारीय हवाओं से रक्षा देता है। आईआईटी-कानपुर के अध्ययन के अनुसार यह वन दो वर्ष बाद वार्षिक 93,000 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड शोषित करेगा।
गूगल पर भारतीयों द्वारा सर्वाधिक सर्च किए गए शीर्षस्थ 10 स्थानों में सोमनाथ शामिल है। इसके अलावा, 2025 में सोमनाथ की सोशल मीडिया इम्प्रेशन 1.37 अरब को पार कर गई है, जो विश्वभर के भक्तों में सोमनाथ के प्रति श्रद्धा एवं आध्यात्मिक महत्व को दर्शाती है। भारत की आस्था तथा स्वाभिमान का प्रतीक सोमनाथ मंदिर विकसित भारत के निर्माण के लिए भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल देते हुए लिखा था, ”यदि हजार वर्ष पहले खंडित हुआ सोमनाथ मंदिर संपूर्ण वैभव के साथ पुनः खड़ा हो सकता है, तो हम हजार वर्ष पहले वाला समृद्ध भारत भी पुनः बना सकते हैं।”
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